शहर की सड़कों पर जल्द ही सिटी बसें दौड़ाने की तैयारी है। इस संबंध में बुधवार को प्रशासन, परिवहन, जीडीए और नगर निगम के अफसरों ने पूरे दिन मंथन किया। तीन चरणों में हुई बैठक में जल्द प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने पर फैसला हुआ। तय हुआ कि नगर निगम, जीडीए और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से प्रस्ताव तैयार कर उसे शासन को भेजेगा। कमिश्नर खुद इस पहल पर शासन के उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। पहले चरण में 50 बसें चलाने की तैयारी है। धीरे-धीरे बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
सुबह कमिश्नर ने जीडीए, परिवहन और नगर निगम के साथ बैठक कर सिटी बसें चलाने की संभावनाओं पर चर्चा की। करीब दो दशक पहले संचालित होने वाली सिटी बसों के रूट, बसों की संख्या और यात्रियों की उपलब्धता पर बात हुई। इसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त और परिवहन विभाग के अफसरों ने दोपहर और शाम को बैठक की। इस दौरान परिवहन विभाग ने बताया कि 1992 तक सिटी बसें संचालित होती थीं। इसके बाद बंद हो गईं। अगले डेढ़-दो साल तक प्राइवेट बस मालिकों ने सिटी बस के तौर पर इस सुविधा को शुरू रखा, मगर बाद में उन्होंने भी इसे बंद कर दिया। बैठक में तय हुआ कि पहले के रूट के साथ ही कुछ नए रास्तों पर भी सिटी बसें चलाई जाएंगी। रूट को लेकर शहर के लोगों से भी फीडबैक लिया जाएगा।
आसपास के कस्बों को भी जोड़ा जाएगा
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि सिटी बसें चलाने की कवायद शुरू हो गई है। सहजनवां, नौसड़ के आसपास के इलाकों के साथ ही भटहट आदि शहर के आसपास के कस्बों को भी इस सेवा से जोड़ने पर विचार चल रहा है। पूर्व में जिन रूट पर सिटी बसें चलाई जाती थीं, उनपर भी अध्ययन किया जा रहा है। परिवहन विभाग से सिटी बसों से जुड़ी पुरानी फाइलें भी मांगी गई हैं। उन्हें भी देखा जाएगा। एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया जाएगा। वहां से मुहर लगते ही सिटी बसें चलाने का काम शुरू हो जाएगा।