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एक्सरे से हड्डी के ट्यूमर की भी मिलती है जानकारी

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गोरखपुर। आमतौर हड्डी रोग में डॉक्टर सबसे पहले एक्सरे ही कराते हैं। इस जांच में ट्यूमर का पता भी चल सकता है। एक्सरे में सिर्फ हड्डियों का आकार दिखता है। जिस हड्डी में ट्यूमर होगा, एक्सरे में उसका आकार बदला दिखेगा। एम्स के हड्डी रोग के विशेषज्ञ डॉ. व्यंकटेश ने शनिवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आर्थो विभाग के सेमिनार में ये बातें कहीं। अंतिम दिन ट्यूमर व कैंसर पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।
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डॉ. व्यंकटेश ने कहा कि आमतौर पर हड्डी गलने पर यह छोटी दिखती है। ट्यूमर हड्डी से लेकर मांस तक फैल सकता है। इससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। हड्डी में 25 तरह के ट्यूमर हो सकते हैं। कुछ मामलों में इसके आकार की सटीक पहचान के लिए एमआरआई कराने की जरूरत होती है। बीआरडी के प्लॉस्टिक सर्जन डॉ. नीरज कुमार नाथानी ने बताया कि सड़क हादसे में घायलों को कई चोटें एक साथ लग जाती हैं। हड्डी टूटने के साथ ही गहरे जख्म भी होते हैं। इसे मल्टीपल इंजरी कहते हैं। पहले इसके इलाज के लिए कई चरणों में ऑपरेशन करने पड़ते थे। अब इलाज की विधि बदली है। मरीज को एक बार बेहोश करने के बाद पहले हड्डी रोग के विशेषज्ञ ऑपरेशन कर उसे जोड़ेंगे। उसके बाद प्लॉस्टिक सर्जन फ्लैप सर्जरी से दूसरे घावों का इलाज करेंगे।

सेमिनार के अंतिम चरण में पेपर प्रजेंटेशन सेशन हुआ। बीआरडी के हड्डीरोग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक यादव और डॉ. अमित मिश्रा के सामने जूनियर डॉक्टरों ने यह प्रजेंटेशन दिया।
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