युवकों के नदी में डूबने के बाद बिलखते घरवाले।
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गोला मुक्तिधाम पर दोपहर दाह संस्कार में शामिल होने गए दो युवक नहाने के दौरान नदी की तेज धारा में फंसकर लापता हो गए। गोताखोरों की मदद से उनकी काफी खोजबीन की गई लेकिन बहाव तेज होने के चलते देर शाम तक युवकों का कुछ पता नहीं चला।
बांसगांव के भैंसहीं बुजुर्ग निवासी मधुमंगल की पत्नी जोखना देवी का अंतिम संस्कार करने गांव के लोग गोला स्थित मुक्तिधाम पहुंचे थे। दाह संस्कार के बाद लोग नदी में नहाने लगे। इस दौरान गांव के हरिभगत के पुत्र रवींद्र उर्फ झीनक (25) और सीताराम के पुत्र अखिलेश (18) नदी की तेज धारा में पहुंच गए। बहाव तेज होने के चलते दोनों युवक डूबने लगे। वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो मौके पर मौजूद कई लोग बचाव के लिए नदी में कूद पड़े, लेकिन काफी तलाश करने पर भी दोनों का पता नहीं चल सका। सूचना पाकर गोला इंस्पेक्टर भी गोताखोरों के साथ पहुंच गए और देर शाम तक दोनों युवकों की खोजबीन चलती रही। इंस्पेक्टर ने बताया कि नदी में गोताखोरों की मदद से काफी खोजबीन कराई गई लेकिन बहाव तेज होने के चलते दोनों का पता नहीं चल सका। सुबह फिर तलाश कराई जाएगी।
गांव में मचा कोहराम
हादसे की सूचना मिलते ही भैंसहीं बुजुर्ग गांव में कोहराम मच गया। मां-बाप की इकलौती संतान अखिलेश इंटरमीडिएट का छात्र है। परिवार के लोग जानकारी मिलने के बाद बदहवाश हाल में मुक्तिधाम पहुंच गए, जबकि रवींद्र की सात साल की बेटी हंसिका और छह साल का बेटा विपिन का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग खुद को कोस रहे हैं कि नदी में नहाते वक्त उन्हें बीच धारा की ओर जाते समय क्यों नहीं रोका गया।