सिद्धार्थनगर। विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बुधवार को आयोजित बैठक में कलेक्टर कुणाल सिल्कू भड़क गए और बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए। उनका गुस्सा प्रगति पुस्तिका को लेकर था। बार-बार हिदायत के बावजूद पुस्तिका में अपलोड नहीं दर्शाया गया था। हालांकि बाद में काफी कोशिशों पर बैठक दोबारा हुई। डीएम ने सभी अफसरों को शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्ण ढंग से काम करने का निर्देश दिया।
विकास भवन सभागार में दोपहर 2 बजे से जिले में संचालित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित थी। बैठक में पहुंचते ही डीएम ने प्रगति पुस्तिका मांगी। मंशा के अनुरूप फार्मेट न होने पर नाराज डीएम ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश कुमार सिंह से कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि जब योजनाओं का पोर्टल पर अपलोड डाटा पुस्तिका में शामिल करने को कहा गया है तो उसे क्यों नहीं रखा गया। पुराने ढर्रे पर काम करना बंद करिए। अपडेट रिपोर्ट चाहिए। गुस्सा जाहिर करते हुए डीएम कुछ ही देर में बैठक छोड़कर चले गए। बाद में सीडीओ व अन्य अफसरों की पहल पर दोबारा बैठक शुरू हुई। इसमें डीएम ने सभी कार्यदाई संस्थाओं की प्रगति ठीक न मिलने पर संबंधित अफसरों को डांट लगाई। कहा कि सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई करते हुए शासन को अवगत कराया जाएगा। पीडब्लूडी के एक्सईएन को निर्देश दिया कि जिन सड़कों को अब तक गड्ढा मुक्त नहीं कराया गया है, उसे गड्ढा मुक्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। एक्सईएन ने मार्च 2018 तक काम पूरा होने की बात कही। मंडी परिषद के एक्सईएन ने 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने की जानकारी दी। डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत निधि से खराब व रिबोरयोग्य 1316 हैंडपंप को अक्टूबर तक 50 प्रतिशत व दिसंबर तक शत-प्रतिशत पूर्ण करा लिया जाएगा। बैठक में सीडीओ अनिल कुमार मिश्र, सीएमओ डॉ.वेद प्रकाश शर्मा, पीडी संत कुमार, डीडीओ सुदामा प्रसाद आदि मौजूद रहे।