गोरखपुर।
चोटी कटने की घटनाएं पिछले दिनों पूरे प्रदेश में सुर्खियों में थीं। अब यह मामला मुख्यमंत्री के पास भी पहुंच गया है। सोमवार को जनता दरबार में पहुंची मऊ की एक पीड़िता ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई तो उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया और जांच कराने के बाद समुचित इलाज कराने निर्देश दिया गया।
सोमवार को गोरखनाथ मंदिर पहुंचीं मऊ के मधुबन थाना क्षेत्र के पुरेंदा गांव की रहने वाली पूनम यादव ने बताया कि 22 अगस्त से रोजाना उसके सिर कुछ बाल गिर जाते हैं और इसके बाद वह बेहोश हो जाती है। यह समस्या दिन में दो से तीन बार होती है। लोगों ने इसे बीमारी बताया तो तीन दिन तक मऊ जिला अस्पताल में भर्ती थी पर कोई फायदा नहीं हुआ। ऐसे में सीएम से उसने इलाज की समुचित व्यवस्था कराए जाने की गुजारिश की। पूनम की समस्या सुनने के बाद सीएम ने उसे मेडिकल कॉलेज में भेजने के साथ ही उसकी जांच करा कर इलाज की व्यवस्था करने को कहा।
आशा वर्कर की नहीं हो पाई सीएम से मुलाकात
गोरखनाथ मंदिर में सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं बताने के लिए काफी संख्या में आशा वर्कर पहुंचीं, लेकिन उनकी मुलाकात सीएम से नहीं हो पाई। आशा संघ की अध्यक्ष चंदा यादव ने कहा कि अस्पतालों में लगातार श्रम के बाद भी उनके साथ अब तक न्याय नहीं हो पाया। आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार से मानदेय 18 हजार रुपये किए जाने की मांग की।
दर्शन-पूजन के बाद फरियादियों से मिले सीएम
सोमवार को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिन की शुरूआत दर्शन-पूजन और गायों को बिस्कुट और गुण खिलाने से की। सुबह 6.15 बजे वह अपने कार्यालय में पहुंचे। इसके बाद फरियादियों से मुलाकात का सिलसिला शुरू हुआ। सीएम ने करीब दो घंटे तक मौके पर मौजूद फरियादियों की समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद वह अपने निजी कक्ष में चले गए। 9.30 बजे वापस लौटे और मंदिर में आए प्रमुख लोगों से मुलाकात की। एक घंटे बाद वह दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में आयोजित संगोष्ठी में शामिल होने चले गए।