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पूर्व एथलेटिक्स खिला ड़ी का स्वागत

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गोरखपुर। गरीब बच्चों में एथलेटिक्स की असीम संभावनाएं हैं। सुविधाओं के अभाव में उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। 10 वर्ष की उम्र के बाद मांसपेशियों का विकास तेजी से होने लगता है, इसलिए यही एथलेटिक्स में शुरुआत करने की सही उम्र है।
ये बातें भारतीय एथलेटिक्स टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व ओलंपियन जटाशंकर मिश्रा ने रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में कहीं। वह बुधवार को सीएम की सुरक्षा ड्यूटी के सिलसिले में गोरखपुर आए थे। शाम को वह कुछ देर के लिए रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचे तो अपने बीच एक बड़े खिलाड़ी को पाकर कोचिंग कैंप समेत रोजाना अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने उनका स्वागत किया। एथलेटिक्स में चार गुणा चार सौ रिले रेस व 200 व 400 मीटर के रेसर जटाशंकर इंडियन पुलिस गेम्स में वर्ष 1989 से 2007 के बीच नौ गोल्ड, सात सिल्वर एवं 200 मीटर रेस में 11 सिल्वर जीत चुके हैं। वर्तमान में वह अमेठी में सीओ पद पर तैनात हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में एथलेटिक्स को आगे ले जाना है तो पहले करो और फिर पाओ की नीति बदलनी होगी।
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स्वागत करने वालों में क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी एके पांडेय, आरएसओ बस्ती चंद्रमौलि पांडेय, पहलवान जनार्दन सिंह यादव, कुश्ती संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष भूखन पहलवान, कोच नफीस अहमद, ममता भारती, संध्या यादव, प्रवीन कुमार, अनिल तिवारी आदि शामिल रहे।
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