सावन मास के पहले ही दिन बारिश ने शहर को तर-बतर कर दिया। मूसलाधार बारिश की वजह से शहर के कई इलाके पानी में डूब गए। स्थिति यह हो गई कि कुछ इलाकों में लोग घरों में कैद होकर रह गए तो कुछ को घर से बाहर निकलने के डोंगी का सहारा लेना पड़ा। जलभराव से बचाव के नगर निगम के इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
रविवार सुबह से लेकर सोमवार देर रात तक बारिश होती रही। कभी रुक-रुककर तो कभी झमाझम। इसने फिर से नगर निगम की पोल खोलकर रख दी। चिल्मापुर, बगहा बाबा मंदिर, रुस्तमपुर, रुस्तमुपुर सब स्टेशन, भरवलिया, तारामंडल रोड, आजाद नगर पूर्वी, सेंट्रल एकेडमी, रसूलपुर भट्टा, गोरखनाथ मंदिर के पीछे के इलाका, चक्सा हुसैन, नूरी मस्जिद, धर्मशाला बाजार, इंजीनियरिंग कॉलेज रोड, डिभिया, बसंतपुर समेत शहर के विभिन्न इलाकों में पानी भर गया। रसूलपुर वार्ड के शहीद अब्दुल्ला नगर कॉलोनी में तो लोगों के घरों में पानी भर गया। हालात यह हो गए कि लोगों को अपना सामान निकालकर दूसरे के घरों में शिफ्ट करना पड़ा। वहीं अपने घर में कैद होकर रह गई एक महिला ने बाहर निकलने के लिए ट्यूब से बनाई हुई डोंगी का सहारा लिया।
आटा, चावल, दाल सब खराब हो गया
इस बार की बारिश ने हमारा काफी नुकसान किया गया है। आटा, चावल, दाल सब खराब हो गए हैं। घर में रहना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अब दूसरी जगह शिफ्ट हो रहे हैं।
अली हुसैन, शहीद अब्दुल्ला नगर
अपने घर में कैद होकर रह गए
बारिश ने हमें हमारे घर में ही कैद करके रख दिया है। घर से बाहर निकल पाना मुश्किल हो गया है। इकट्ठा पानी से आ रही बदबू ने परेशानी और बढ़ा दी है। क्या करें, कुछ समझ नहीं आ रहा।
जमील अहमद
बारिश की तेज धार ने साफ कर दी नाले की सिल्ट
इस बार आश्चर्यजनक ढंग से कुछ इलाकों में जलभराव नहीं हुआ। कलेक्ट्रेट, पिलर्स स्कूल के सामने, टाउन हाल समेत कुछ इलाकों में बारिश का पानी इकट्ठा नहीं हुआ। हालांकि लोगों का कहना था कि बारिश की तेज धार में कुछ इलाकों में नालों में जमे सिल्ट तो खुद-ब-खुद साफ हो गए। लिहाजा इन इलाकों में जलभराव कुछ कम हुआ।
संपवेल बनने से कई इलाकों में मिली राहत
शहर के निचले इलाके में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम ने तीन इलाकों में संपवेल बनाया है। इलाहीबाग, ट्रांसपोर्टनगर और लालडिग्गी में बनाए गए इस संपवेल से साहबगंज, लालडिग्गी, गीताप्रेस, ट्रांसपोर्टनगर, इलाहीबाग समेत कई इलाकों में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो गई है। इस बार की बारिश में भी इसका असर देखने को मिला। देर रात से सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश के बावजूद इन इलाकों में घंटे-दो घंटे में जलभराव दूर हो गया।
स्कूलों में हुआ रेनी-डे
रविवार पूरी रात बारिश की वजह से शहर के विभिन्न इलाकों में सुबह से लेकर दोपहर तक जलभराव रहा। इसके साथ ही सुबह के वक्त बारिश की वजह से कार्मल, एचपी, सेंट्रल एकेडमी, बैमबिनी इंटरनेशनल समेत शहर के करीब करीब सभी पब्लिक एवं सरकारी स्कूलों ने रेनी-डे घोषित कर दिया। सभी स्कूलों की ओर से अभिभावकों को इस संबंध में सुबह ही मैसेज कर जानकारी दी गई।
नगर निगम के इंतजाम साबित हुए नाकाफी
भले ही नगर निगम प्रशासन की ओर से अपनी पूरी टीम को मुस्तैद कर दिया गया हो और विभिन्न इलाकों में पंपसेट लगाकर जलभराव दूर करने की कोशिश की जा रही हो, लेकिन नगर निगम के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। अब भी शहर के उन इलाकों में जलभराव हो रहा है, जिन इलाकों में पिछले कई वर्षों से जलभराव होता रहा है।
स्थायी कार्ययोजना तैयार कर रहा नगर निगम
निश्चित तौर पर शहर के कुछ इलाकों में जलभराव हुआ है। इसे दूर करने के लिए नगर निगम का पूरा अमला मुस्तैद है। शहर की सभी पंपिंग स्टेशन लगातार चलाए जा रहे हैं। साथ ही जलभराव वाले विभिन्न इलाकों में 65 स्थाई पंप सेट के अलावा मोबाइल पंप सेट चलाए जा रहे हैं। इससे समस्याओं को काफी कम किया जा सका है। गोरखपुर शहर के जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से दूर करने के लिए बृहत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कई बड़े नाले बनाए जाएंगे। साथ ही अन्य कई उपाय किए जाएंगे।
प्रेमप्रकाश सिंह, नगर आयुक्त