प्रदेश में अब एक से पांच किलोवाट तक के विद्युत कनेक्शन के लिए इस्टीमेट नहीं बनवाना पड़ेगा। आवेदन पर पहले तत्काल कनेक्शन दिया जाएगा। बाद में आसान किश्तों में चार्ज का भुगतान देने की सुविधा मिलेगी। तीन लोग कनेक्शन लेना चाहेंगे तो विभाग अपने पास से बिजली का एक खंभा लगाएगा। इसी तरह अगर 15 लोग एक साथ बिजली कनेक्शन की मांग करेंगे तो विभाग पांच खंभे और तार के साथ ट्रांसफॉर्मर भी अपने पास से लगाएगा।
गोरखपुर के एमएमएमयूटी में बिजली विभाग की विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सूबे की सपा सरकार से उन्हें विरासत में जर्जर बिजली व्यवस्था मिली। खराब पोल-तार से लेकर कम क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर और विद्युत उपकेंद्र मिले, मगर अभी युद्धस्तर पर व्यवस्था सही की जा रही है। खराब तार बदले जा रहे हैं, ट्रांसफॉर्मर और उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। नई सरकार बनने के बाद 110 दिनों में 18 हजार मजरों तक बिजली पहुंचाई गई है तो आठ हजार से अधिक ट्रांसफॉर्मर बदले गए हैं। खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे और शहरी क्षेत्र में 24 घंटे की सीमा तय की गई है। शहर की कई कॉलोनियों में बांस के खंभों पर तार ले जाकर बिजली सप्लाई की जा रही है। विभाग को इन कॉलोनियों में भी बिजली व्यवस्था सही करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बिजली को लेकरसूबे से भेदभाव और वीआईपी संस्कृति खत्म कर दी गई है। बीपीएल परिवारों को मुफ्त में बिजली का कनेक्शन दिया जा रहा है तो अन्य लोगों को भी आसान किश्तों में कनेक्शन दिए जा रहे हैं। जल्द ही शहरों को 24 घंटे, तहसीलों को 20 और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली मिलने लगेगी। इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। बिजली व्यवस्था में तेजी से सुधार के लिए उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, राज्यमंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, प्रमुख सचिव आलोक कुमार समेत विभाग के सभी अफसरों को साधुवाद देते हुए उनकी हौसला आफजाई की।
ये है इस्टीमेट
पांच किलोवाट का इस्टीमेट 8459 रुपये का
2959 रुपये : मीटर
2000 रुपये : इंस्टालेशन लेबर एंड ओवर हेड चार्ज
2000 रुपये : सिक्योरिटी
1500 रुपये : सिस्टम लोडिंग
100 रुपये : प्रोसेसिंग
दो रुपये की बिजली नौ में खरीद रहा था विपक्ष
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा शासन में बड़े पैमाने पर बिजली धांधली का पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष दो रुपये प्रति यूनिट में मिलने वाली बिजली आठ-नौ रुपये में खरीद रहा था। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही उन्होंने सभी बिजली खरीद के पुराने एग्रीमेंट निरस्त कर दिए। सपा सरकार की नीयत ठीक नहीं थी। उन्होंने बिजली ही नहीं बल्कि सभी विभागों से जुड़ी योजनाओं में लूट- खसोट की।
कनेक्शन के लिए 23 को विशेष कैंप
गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने सभी सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे 23 को विधानसभा क्षेत्रों, नगर पंचायतों, जिला मुख्यालयों आदि पर कैंप लगाकर ग्रामीण और शहरी गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दें। उन्होंने इस दौरान बिजली विभाग के अफसरों को भी कैंप में मौजूद रहने के निर्देश दिए। चेताया भी कनेक्शन के प्रपत्र देने के बाद अफसर ढीले न पड़ जाएं। सभी के घर तत्काल बिजली पहुंच जाए, यह भी सुनिश्चित किया जाए।
अब गांवों में छुट्टी मनाने आने लगे लोग
गोरखपुर। पिछली सपा सरकार में बिजली की बदहाली और सूबे में भाजपा की सरकार आने के बाद उसमें हो रहे सुधार का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली, मुंबई आदि शहरों में रहने वाले यूपी के लोग अब गर्मी की छुट्टियां मनाने घर आने लगे हैं। पहले बिजली नहीं रहने से लोग गर्मी की छुट्टियों में भी गांव आना छोड़ ही दिए थे।
24 करोड़ की विद्युत योजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण
एमएमएमयूटी में ग्रामीण और शहरी गरीबों को भी मुफ्त विद्युत कनेक्शन का प्रमाण पत्र देने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर मंडल की 24.74 करोड़ रुपये की बिजली विभाग की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। गोरखपुर शहर को जल्द 24 घंटे बिजली मुहैया कराने के लिए विद्युत उपकेंद्रों तक 33 केवी की दूसरी लाइन बिछाई जाएगी। 14.34 करोड़ लागत की इस योजना का मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया। इसी तरह उन्होंने महराजगंज में 1.60 करोड़ के 33 केवी चौमुखा विद्युत उपकेंद्र व 2.50 करोड़ के महराजगंज मुख्यालय टू उपकेंद्र का शिलान्यास किया। वहीं मुख्यमंत्री ने देवरिया के 3.35 करोड़ के 33 केवी मझौलीराज विद्युत उपकेंद्र तथा 2.90 करोड़ की लागत से बने 33 केवी तेलियाकला विद्युत उपकेंद्र का भी लोकार्पण किया।
सीएफएल के लिए छीना-झपटी
मुख्यमंत्री के मंच से जाते ही बिजली विभाग के अफसराें के कहने पर एंकर ने आवाज देकर मुफ्त कनेक्शन पाने वाले लाभार्थियों को सीएफएल देने के लिए रोक लिया। जैसे ही सीएफएल का वितरण शुरू हुआ, कार्यक्रम में आए दूसरे लोगों ने भी छीना-झपटी शुरू कर दी।