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पकौड़ी खाने से छह बीमार-Santkabirnagar

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विषाक्त पकौड़ी खाने से एक ही परिवार के छह लोग बीमार
धनघटा के बरपरवा गांव का मामला, रसोई में मिला कीटनाशक का डिब्बा
पकौड़ी बनाने में तेल के बजाय कीटनाशक के इस्तेमाल की है आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर (संतकबीरनगर)। क्षेत्र के बरपरवा गांव में रविवार की सुबह विषाक्त पकौड़ी खाने से एक ही परिवार के छह लोग बीमार हो गए। गांव के लोग आननफानन में उन्हें मलौली सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। गांव के लोग सभी को मेडिकल कालेज ले गए। वहां सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि भ्रमवश तेल की जगह घर में रखे कीटनाशक (एम 45) में पकौड़ी बना दी गई हो।
गांव वालों का कहना है कि महेंद्र सिंह (70) के घर सुबह पकौड़ी बनी थी जिसे उनके अलावा राकेश सिंह (45), स्मृति (22), श्यामलता (30), रामसंवारी (65), घरभरन (50) ने खाया था। कुछ देर बाद सभी के पेट में दर्द और शरीर में ऐंठन होने लगी। परिवार के छह लोगों के एक साथ बीमार पड़ने पर पड़ोसी उन्हें सीएचसी मलौली ले गए। वहां डॉक्टर ने सभी की हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। लोग इसके बाद सभी को लेकर मेडिकल कालेज चले गए। गांववालों का कहना है कि पकौड़ी बनाने के लिए तेल के बजाय भूलवश घर में रखा कीटनाशक (लिक्विड) का इस्तेमाल कर दिया गया। चूल्हे के पास जो डिब्बा पड़ा था, वह कीटनाशक का ही था।
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प्राथमिक उपचार करने वाले डॉ. नूर आलम ने बताया कि जिस परिवार के लोग पकौड़ी खाकर बीमार हुए थे उनके रसोई घर से एम 45 नामक कीटनाशक दवा का डिब्बा मिला है। संभवत: इसी का इस्तेमाल पकौड़ी बनाने में किया गया होगा। परिवार के जिन दो बच्चों ने पकौड़ी नहीं खाई थी, उनकी हालत पूरी तरह ठीक है। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र बगही के डॉ. महेश पाल का कहना है कि एम 45 कीटनाशक चार रंगों (लाल, पीला, नीला और हरा) में आता है। इसमें लाल और पीला बेहद जहरीला होता है। पीला कीटनाशक सरसों के तेल जैसा होता है। बहुत हद तक गुंजाइश है कि भूलवश तेल कम पड़ने पर उसमें मिला दिया गया हो या फिर उसी में पकौड़ी तल दी गई हो।
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