बदल रहा मौसम, भारी पड़ सकती है लापरवाही
निमोनिया की गिरफ्त में आ रहे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। दिन में धूप और सुबह शाम गलन भरी कड़ाके की ठंड सेहत पर भारी पड़ सकती है। मौसम के बदलते मिजाज से बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला एवं महिला अस्पताल में आए अधिकतर बच्चे निमोनिया से पीड़ित मिले।
जिला व महिला अस्पताल में हर दिन औसतन 500 से अधिक बच्चे ओपीडी में पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को महिला अस्पताल में 300 बच्चों की जांच हुई। डॉ पीके श्रीवास्तव कहते हैं कि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती हैं, ऐसे में वह जल्दी बीमार हो जाते हैं। वह आगाह करते हैं कि सर्दी, जकड़न, बुखार जैसे लक्षण दिखें तो तत्काल नजदीक के चिकित्सक के पास ले जाएं। डॉ. तैयब अंसारी ने कहा कि सबसे ज्यादा बच्चे निमोनिया, सांस सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है। जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड बच्चों से भरा हुआ है। यहां तैनात चिकित्सक डॉ. नवल वर्मा बताते हैं कि यदि बच्चे को बार-बार उल्टी व दस्त आ रहे हों तो यह समझ लेना चाहिए कि वह डायरिया से पीड़ित है। ऐसे में उसे समय-समय पर नमक, चीनी व पानी का घोल देते रहना चाहिए। उनका कहना है कि दिन का मौसम भले ही कुछ गर्म हो गया हो, लेकिन अब भी बच्चों को हल्का गुनगुना पानी पीने के लिए देना चाहिए। बच्चों को बिना गर्म कपड़ों के बाहर न निकलने देना चाहिए। चिकित्सक डॉ पीके श्रीवास्तव का कहना है कि जिस कमरे में शिशु हों, उस रूम में हीटर का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि हीटर से ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इससे बच्चे का दम भी घुट सकता है। उनका कहना है कि बच्चों को पौष्टिक आहार खिलाना चाहिए। बच्चों को उन्हें नंगे पैर कतई नहीं खेलने देना चाहिए।