गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के सात विभागों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। हिंदी विभाग में नियुक्ति के लिए लिफाफा खोले जाने की अनुमति विश्वविद्यालय प्रशासन राज्यपाल से लेगा। जबकि पांच विभागों में चयन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कार्यपरिषद की बैठक में ये महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सीधी भर्ती से संबंधित चयन प्रक्रिया पर लगाई गई रोक का मामला रखा गया। सदस्यों ने कहा कि 11 से 16 जुलाई 2018 के बीच हिंदी विषय की चयन प्रक्रिया हो गई थी।
लिफाफा खोले जाने के पहले ही स्थगन आदेश आ गया था। विधिक सलाहकार से सलाह के बाद तय किया किया कि लिफाफा खोले जाने के लिए चार महीने से अधिक समय बीत गया है। इसे राज्यपाल के पास अनुमति के लिए भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया। अनुमति मिलने के बाद लिफाफा खोला जाएगा। इसके अलावा पांच विभागों मनोविज्ञान, कंप्यूटर साइंस, पत्रकारिता, व्यवसाय प्रशासन एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग में स्थगित चयन प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर निर्णय हुआ कि यहां चयन प्रक्रिया को कराया जा सकता है।
शोधपीठ के कर्मियों के वेतन तय करेगी समिति
गोरखपुर। महायोगी श्री गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में तैनात शिक्षक एवं कर्मचारियों के वेतन संरक्षण के मामले पर कार्यपरिषद ने प्रत्यावेदन पर विचार के लिए एक समिति गठित की। जिसमें संयोजक अधिष्ठाता विधि संकाय और सदस्य वित्त अधिकारी एवं कुलसचिव रहेंगे।