गोरखपुर। न पहाड़ पर बारिश, न मैदानी इलाके में फिर भी इधर कई दिनों से राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। स्थिति यह हो गई थी कि राप्ती खतरे के निशान से 85 सेमी नीचे रह गई थी पर संतोष की बात यह है कि शुक्रवार से उसका जलस्तर नीचे आने लगा। हालांकि घाघरा नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कुआनो नदी भी खतरे के करीब पहुंच गई है। उसमें बढ़ाव जारी है, जबकि रोहिन खतरे से काफी दूर है।