गोरखपुर। फर्जी तरीके से साक्षात्कार करके युवाओं को इराक और सीरिया भेजने के मामले में गिरफ्तार आठ सदस्यों को मंगलवार को जेल भेज दिया गया है। इन सबके खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। कैंट पुलिस की मदद से एसटीएफ ने 240 पासपोर्ट, तीन लैपटॉप, 80 हजार कैश और 13 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। गोरखपुर के झंगहा थानाक्षेत्र के अमहिया गांव के अरविंद सिंह और रजनीश मल्ल को इस गिरोह का सरगना बताया गया है। बिहार, तमिलनाडु के आरोपी भी जेल भेजे गए हैं।
पूर्वांचल के युवाओं को दुबई भेजने के नाम पर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता था, फिर ज्यादा पैसा दिलवाने की बात की जाती थी। इसके बाद कंपनी के लोग दुबई में बैठे एजेंट से संपर्क साधते थे, फिर दुबई जाने वाले युवाओं को गलत तरीके से सीरिया, इराक भेजा जाता था। इस गिरोह के तार दुनिया के कई देशों से जुड़े हैं। एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी करके फर्जी साक्षात्कार के लिए युवाओं को बुलाया जाता था। स्थानीय पुलिस की मदद से सोमवार की देररात एसटीएफ ने रेलवे लाइन के किनारे अशोका गोदाम गली सिंघड़िया स्थित ग्लोबल बेल्डिंग ट्रेनिंग एवं टेस्ट सेंटर पर छापेमारी करके आठ लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही 240 पासपोर्ट जब्त कर लिया। जो साक्ष्य मिले, उसके मुताबिक साक्षात्कार के लिए 240 युवाओं को बुलाया गया था। ज्यादातर युवा पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों के थे। एसटीएफ मामले की छानबीन में लगी है। जल्द ही कुछ और लोगों की गिरफ्तार संभव है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
अमहिया गोरखपुर के रजनीश कुमार मल्ल और अरविंद सिंह, गोपालगंज बिहार के संदीप कुमार यादव, अरविंद कुमार राय और मनोज ठाकुर, कुशीनगर के नटवा निवासी अनवर अंसारी, सिवान बिहार के शंभू यादव और तमिलनाडु के आर. सुंदर रमन।
सीरिया, इराक में आईएसएस का साया
इनको कंपनी सीरिया और इराक में रिफायनरी का काम करती है। जब आईएसआईएस ने सीरिया, इराक में हमला बोला तो इसी रिफायनरी पर कब्जा जमाया था। इसी का नतीजा है कि इनको कंपनी को इराक ने प्रतिबंधित कर रखा है। अमेरिका सहित दुनिया के तमाम देशों ने भी इनको पर रोक लगाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी रोक लगाने के साथ ही एडवाइजरी भी जारी की है। मंत्रालय के मुताबिक कोई भी कंपनी युवाओं को इराक, सीरिया, जार्डन और पाकिस्तान नहीं भेजेगी। ऐसा हुआ तो लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। कानूनी कार्रवाई भी होगी। इसके बावजूद युवाओं को प्रतिबंधित कंपनी के जरिये खाड़ी देशों में भेजने की तैयारी थी।
कंपनी का नाम बदलकर किया फर्जीवाड़ा
सीरिया और इराक की कंपनी पर प्रतिबंध लगने के बाद नेटवर्क टूट गया। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित तमाम देशों के मजदूर नौकरी छोड़कर भाग निकले। अब मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से कंपनी ने अपना नया ठिकाना दुबई को बनाया है। एसटीएफ के मुताबिक इनको (Enco) की जगह Inco कंपनी बनाई गई और भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। दुबई से लेकर भारत तक में एजेंट खड़े किए गए।
600 युवाओं को थी इराक, सीरिया भेजने की योजना
विदेश भेजने के गिरोह के पास से जब्त ज्यादातर पासपोर्ट लखनऊ, पटना से बने हैं। गोरखपुर से भी पासपोर्ट बनवाए गए हैं। एसटीएफ के मुताबिक ज्यादातर पासपोर्ट नए हैं। 240 पासपोर्ट जब्त किए गए हैं। गिरोह के सदस्यों ने 360 और युवाओं को साक्षात्कार के लिए बुलाया था। कुल 600 युवाओं को इराक और सीरिया भेजने की योजना थी।
वेतन बढ़ाया, भारी कमीशन
इनको ने मजदूरों का वेतन भी 300 डॉलर की जगह 500 डॉलर कर दिया। साथ ही एजेंटों को भारी कमीशन का ऑफर दिया। एसटीएफ के मुताबिक जो एजेंट मजदूर भेजते थे, उन्हें हर मजदूर के हिसाब से 15 हजार रुपये कमीशन मिलता था। मजदूर के दो महीने के कुल वेतनमान का 50-50 फीसदी हिस्सा भी एजेंटों को दिया जाता था। इसी वजह कंपनी ने एजेंटों का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। इसका एक हिस्सा गोरखपुर का गिरोह है। हर युवा से 65-65 हजार रुपये वसूले जाते थे।
नेपाल से जुड़े तार
विदेश भेजने के नाम पर फर्जीवाड़े के तार नेपाल सहित कई देशों से जुड़े हैं। इस गिरोह के सदस्य लखनऊ में भी सक्रिय हैं। सबको एसटीएफ ने रडार पर ले रखा है। जल्द ही और गिरफ्तारी संभव है।
एसटीएफ की इस टीम को मिली सफलता
यशवंत सिंह, अनूप राय, संतोष सिंह, विनय सिंह और आशुतोष।