गोरखपुर। हत्या और हत्या के प्रयास का जुर्म साबित होने पर अपर सत्र न्यायाधीश राजकुमार तृतीय ने झंगहा क्षेत्र के ग्राम ब्रह्मपुर के बरगदही टोला निवासी लोकनाथ, लाल बचन और संजय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी श्रद्धानंद पांडेय का कहना था कि ब्रह्मपुर के बरगदही टोले के कंतू शर्मा ने तहरीर देकर अवगत कराया था कि उनके गांव के लोग मिलकर दुर्गा प्रतिमा रखे थे। प्रतिमा की देखभाल उनके बेटे दिनेश, गरुण पांडेय, खूबलाल करते थे। प्रतिमा ले जाने के लिए चार सौ रुपये में लोकनाथ के ट्रैक्टर और ट्राली को तय किया गया था। 16 अक्टूबर 2013 की शाम करीब 7:45 बजे गरुण पांडेय रिश्तेदारी से आ रहे थे। रास्ते में लोकनाथ, संजय, कृष्ण और लाल बचन ने उनसे सौ रुपये की मांग की। इस पर उन्होंने कहा कि रुपये दे दिए गए हैं।
इस पर आरोपियों ने उनको गालियां दी और लाठी-डंडे से पीटने लगे। वादी के बेटे दिनेश और अन्य लोग दौड़े तो आरोपियों ने उन पर भी हमला किया। वादी के बेटे को गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। घायल गरुण और खूबलाल का मेडिकल कॉलेज में इलाज हुआ। कोर्ट ने पत्रावली और उपलब्ध सबूतों के आधार पर सजा सुनाई।