प्रेसवार्ता करते पीएल पुनिया। साथ में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. सुरहीता करीम।
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उपचुनाव में प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने शहर के विभिन्न इलाकों में डॉ. सुरहीता करीम के पक्ष में प्रचार किया। पार्टी की उपलब्धियां गिनाईं और केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला किया। वहीं, प्रेसवार्ता में पूर्वोत्तर में संविधान को तार-तार करने का आरोप लगाया।
शहर के एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. पुनिया ने कहा कि मुंबई हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत नहीं रहने पर सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए। इसके बावजूद मेघालय में भाजपा ने सरकार बना ली। पूर्वोत्तर में संविधान को तार-तार करने का काम किया गया है। इसके पूर्व भी मणिपुर और गोवा में भी ऐसा ही खेल खेला गया था। देश की जनता इसे अच्छी तरह से समझ चुकी है। इसी वजह से उपचुनावों में सत्ता दल की जीत का मिथक भी टूट रहा है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में जनता ने कुछ इसी तरह का फैसला सुनाया है।
ये विचारधारा की लड़ाई
पुनिया ने कहा कि दरअसल यह चुनाव विचारधारा की लड़ाई है। कांग्रेस पार्टी जहां देश को जोड़ने की बात करती है, वहीं भाजपा न सिर्फ घृणा की राजनीति करती है, बल्कि देश को तोड़ने का काम करती है। दलितों का उत्पीड़न चरम पर है। कट्टरवादी सोच रखने वाले भाजपा के कार्यकर्ताओं ने लेनिन और पेरियार की मूर्ति गिराकर अपनी सोच जाहिर कर दी है। सपा-बसपा गठबंधन के मसले पर उन्होंने कहा कि सिर्फ सीट के लिए गठबंधन करना सही नहीं है। स्वार्थ के इस गठबंधन को जनता स्वीकार नहीं करेगी। इस मौके पर डॉ. विजाहत करीम, महानगर अध्यक्ष अरुण अग्रहरि, अनवर हुसैन, रोहन पांडेय आदि भी मौजूद थे।
नीरव मोदी पर चुप्पी तोड़ें पीएम
पीएल पुनिया ने कहा कि पीएनबी घोटाला आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। इसके बावजूद इस मसले पर प्रधानमंत्री ने अब तक कुछ नहीं कहा। प्रधानमंत्री को इस मसले पर चुप्पी तोड़नी चाहिए। बताना चाहिए कि नीरव मोदी कैसे भाग निकले।