सेंट थॉमस चर्च में मंगलवार को क्रिसमस के उपलक्ष्य में मेले का आयोजन हुआ। मसीही समाज के लोगों के साथ आम लोगों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उद्घाटन डिनरी के डीन रेव्ह संजय विन्सेंट ने फीता काटकर किया। व्यवस्था चर्च के पुरोहित रेव्ह डेविड अंद्रियास के नेतृत्व में दीपक घोष, विमलेश जोजफ ने संभाली।
मेले में स्टैनपुर, उत्तर टोला, बशारतपुर, मोती पोखरा आदि मोहल्ले के लोगों ने काफी संख्या में शिरकत की। 87 वर्षीय एम भागीरथी ने बताया कि बचपन से ही यहां मेला देखने आती रही हैं। पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय मेले में होने वाली प्रतियोगिताएं जीतने पर बच्चों को पुरस्कार में एक आना, दो आना ईनाम दिया जाता था। मसीही सेवक वीपी अलेक्जेंडर ने बताया कि मेले से होने वाली आय का इस्तेमाल चर्च की व्यवस्था संचालन के साथ गरीबों की मदद में होता है। मेले के आयोजन में विमलेश जोसेफ, अजीत डेविड, मोरिस क्लेमेंट, साहिल, विजय न्यूटन, हर्षित डेविड, संजीत होरीलाल, करिश्मा, रितेश गुप्ता, वर्षा, विकास, वैभव, वंदिता, निवेदिता, राजू मकाटी, कर्नल एसएस बैंस आदि की सहभागिता रही।
मनोरंजक खेल खेले, पुरस्कार भी पाए
विभिन्न प्रकार के गेम जैसे शॉर्ट पुट, म्यूजिकल चेयर, फैंसी ड्रेस आदि में हिस्सा लेकर न सिर्फ बच्चों ने मेले को इंज्वाय किया बल्कि पुरस्कार भी जीते। विजयी प्रतिभागियों को रेव्ह डेविड अंद्रियास ने पुरस्कृत किया।
जायकों का भी दिखा जलवा
कचालू, दहीबड़ा, आइसक्रीम, चाट आदि का जायका भी लोगों को खूब भाया। पूरे दिन खानपान के स्टालों पर लोगों की भीड़ लगी रही। मेले में लोगों ने जरूरत की चीजों की खरीदारी भी की। देर शाम तक मेले में लोगों की भीड़ लगी रही।
101 साल से हो रहा आयोजन
चर्च से जुड़े लोगों एवं मसीही समाज के बुजुर्गों ने बताया कि सेंट थॉमस चर्च के सामने पिछले लगभग 101 सालों से इस मेले का आयोजन हो रहा है। तब मेले की शुरुआत बंशी पीटर ने की थी। बाद में येहोन ओरीलाल व जेम्स ओरीलाल ने इसे भव्यता प्रदान की।
सेल्फी के प्रति दिखी दीवानगी
मेले में युवाओं की टोली जगह-जगह सेल्फी खींचती नजर आई। कभी गुब्बारों की दुकान पर तो कभी खानपान के स्टाल पर, युवाओं ने सेल्फी का कोई मौका नहीं छोड़ा।