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सर्द हवाओं से कांपे लोग, न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस

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cold vave
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बस्ती। पहाड़ों पर हुए हिमपात और बूंदाबांदी से मैदानी क्षेत्रों में पारा लुढ़क गया। शुक्रवार रात को 30-32 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलीं पछुआ पवन ने सर्दी का अहसास कराना शुरू कर दिया। वर्ष 2017 के आखिरी महीने का पहला पखवाड़ा खेती और तापमान के लिहाज से निराशाजनक रहा लेकिन कृषि एवं मौसम विज्ञानियों ने 2017 के अंतिम पखवाड़े में मौसम के पटरी पर आने का अनुमान लगाया है। रविवार को अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। हालांकि पिछले दो दिन की तुलना में पछुआ हवा की रफ्तार में कमी आई और रविवार को यह रफ्तार 18 किलोमीटर प्रतिघंटे पर पहुंच गई। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के पूर्व मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में हवा के कम दबाव होने से तापमान ज्यादा था, लेकिन अब उसका असर खत्म हो गया है। आने वाले दिनों में पारा और लुढ़कने की उम्मीद है।
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बदले मौसम से रहें सावधान
रात में चाहे अचानक रजाई के अंदर से खुले में निकलते हों या वातानुकूलित कमरे अथवा कार के अंदर ब्लोवर की गर्मी से बार-बार अंदर-बाहर निकलते हों तो यह आदत तत्काल बदल लें। चिकित्सक इसे खतरनाक मानते हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी के अनुसार एकाएक उतार-चढ़ाव सेहत के लिहाज से खतरनाक हैं। बच्चे हों या बड़े, सबके लिए ऐसा करना जोखिम भरा है। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि के मरीजों की जान के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

ऊनी कपड़े का बाजार ‘गर्म’
बस्ती। ठंड न पड़ने से ऊनी कपड़ों के दुकानदार परेशान थे। पिछले कुछ दिनों से लुढ़के पारे से इन दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी है। रविवार को अवकाश होने के चलते लोग पूरे परिवार के साथ खरीदारी करने निकले। मुख्य मार्केट गांधीनगर में ऊनी वस्त्राें की दुकानों पर काफी भीड़ रही। इसके साथ ही फुटपाथ पर सजी दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखी गई। दुकानदार इश्तयाक कहते हैं इस बार तो लग रहा था कि जमा-पूंजी भी नहीं निकलेगी लेकिन तीन दिन से कुछ बिक्री बढ़ी है। राम नरेश भी छोटे मोटे कपड़े की दुकान ठेले पर लगाते आ रहे हैं। कहते हैं कि इनर और मफलर ज्यादा बिक रहे हैं जबकि स्वेटर और जैकेट अभी भी पिछली साल जैसी बिक्री नहीं है।
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