देवरिया के भाटपाररानी रेलवे स्टेशन पर हुई मारपीट व पथराव में घायल खिलाड़ी अभिषेक प्रजापति।
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देवरिया। भाटपाररानी रेलवे स्टेशन पर बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान बोगी के दरवाजे पर हुई कहासुनी ने देखते-देखते बवाल जैसी शक्ल ले ली। एकाएक जुटे कुछ युवकों ने न सिर्फ समस्तीपुर से कानपुर जा रहे खिलाड़ियों को पीटा बल्कि ट्रेन पर पथराव भी कर दिया। सात खिलाड़ियों समेत कुछ यात्री जख्मी हुए हैं। घायलों इलाज के लिए ले जाने की प्रक्रिया के चलते बरौनी एक्सप्रेस करीब 25 मिनट देवरिया स्टेशन पर खड़ी रही। घटना मंगलवार सुबह की है। बरौनी से ग्वालियर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन सुबह करीब 8.30 बजे भाटपाररानी स्टेशन पर पहुंची तो सवारियों के चढ़ने-उतरने के क्रम में एक शख्स का पैर ट्रेन के दरवाजे पर खड़े कानपुर के खिलाड़ी अंशुमान के पांव पर पड़ गया। अंशुमान के आपत्ति करने पर ट्रेन में सवार हो रहे स्थानीय युवक ने फोन से अन्य साथियों को बुला लिया। भीड़ की शक्ल में जुटे युवकों ने स्लीपर कोच (एस-6) में घुसकर अंशुमान व उनके साथ मौजूद अन्य खिलाड़ियों को पीटना शुरू कर दिया। उत्पात के इरादे से आए युवक यहीं नहीं थमे बल्कि बाहर निकल कर ट्रेन पर पत्थर बरसाने लगे। इससे अन्य यात्रियों में भी अफरा तफरी मच गई। उत्पातियों के निशाने पर आकर सात खिलाड़ी जख्मी हो गए, जबकि पथराव से कुछ यात्रियों को भी चोटें आईं। उत्पाती युवक ट्रेन छूटने से पहले ही भाग गए। घटना में जख्मी हुए लोगों ने ट्रेन देवरिया पहुंचने पर रेलवे स्टाफ को सूचना दी। आरपीएफ और जीआरपी ने घायल खिलाड़ियों को ट्रेन से उतारकर जिला अस्पताल में इलाज दिलाया। इनमें कानपुर गल्ला मंडी क्षेत्र में नवबस्ता के निवासी एक महिला खिलाड़ी समेत अंशुमान, राजीव भटवाल, अंकित सिंह, अभिषेक प्रजापति, ओजस्वी राय पाठक, विनय गोपाल श्रीवास्तव शामिल हैं। कोच की भी भूमिका निभा रहे विनय गोपाल श्रीवास्तव की तहरीर पर भटनी की जीआरपी टीम ने विशाल और अतुल सहित 35 अज्ञात लोगों पर महिला खिलाड़ी के साथ छेड़छाड़, हत्या के प्रयास, प्राण घातक हमला, लूट आदि गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। खिलाड़ियों को इलाज दिलाने व एफआईआर की औपचारिकता के चलते बरौनी एक्सप्रेस करीब 25 मिनट तक देवरिया स्टेशन पर खड़ी रही। समस्तीपुर में 4 से 6 नवंबर के बीच हुई खेल स्पर्धा में भाग लेकर लौट रहे चित्रा स्पोर्ट्स क्लब के खिलाड़ी इलाज व एफआईआर कराने के चलते इस गाड़ी से आगे का सफर नहीं कर सके। देवरिया से रात में दूसरी ट्रेन पकड़ कर यात्रा आगे बढ़ाई।