गोरखपुर। दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं के धरने पर रहने की वजह से पहले दिन मंगलवार को जिले के आठ रजिस्ट्री दफ्तरों में सिर्फ 10 ही ऑनलाइन रजिस्ट्री हो सकी। विरोध की वजह से रजिस्ट्री विभाग की करीब एक करोड़ रुपये की आय प्रभावित हुई। सदर द्वितीय के कार्यालय में दो, बांसगांव में सर्वाधिक सात तथा खजनी में दो आनलाइन बैनामे हुए।
रजिस्ट्री महकमे की ओर से विशेष प्रोफार्मे पर दस्तावेज लेखकों के भी जिक्र संबंधी कॉलम बढ़ाए जाने पर अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का धरना खत्म हुआ। अब बुधवार से ऑनलाइन रजिस्ट्री में तेजी आने की उम्मीद है। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष शिवाकांत पांडेय और महामंत्री शैलेश गोस्वामी का कहना है कि शासन, प्रशासन ने मांग मान ली है लिहाजा अब उनकी तरफ से कोई विरोध नहीं है।
ऑनलाइन रजिस्ट्री से हित प्रभावित होने के अंदेशे से अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक पिछले पखवारे भर से इसका विरोध कर रहे हैं। उनकी तरफ से सभी तहसीलों के रजिस्ट्री दफ्तरों में तालाबंदी भी की जा चुकी है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ही दस्तावेज लेखक मंगलवार की सुबह 10 बजे ही कलेक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्री दफ्तर के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। रजिस्ट्री बंद होने की सूचना पर डीएम राजीव रौतेला ने मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस को भेजा था, जिसके बाद किसी तरह दस्तावेज लेखक दरवाजे से हटे, मगर उन्होंने कोई दस्तावेज नहीं लिखा। शाम को एआईजी स्टांप और सदर द्वितीय के सब रजिस्ट्रार रईस अहमद की पहल पर दस्तावेज लेखकों ने धरना खत्म किया।
दस्तावेज लेखक ही तैयार करेंगे डीड
एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्री में सिर्फ एक विशेष प्रोफार्मे को भरने की ही नई प्रक्रिया बढ़ी है। दस्तावेज लिखने, स्टांप आदि की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। संबंधित व्यक्ति को पहले दस्तावेज लेखक से बैनामे का दस्तावेज तैयार कराना होगा। इसके बाद विभाग की वेबसाइट पर अपलोड एक प्रोफार्मे को भरना होगा। इस प्रोफार्मे को भरते ही संबंधित रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। प्रोफार्मा भरने के बाद जमीन, मकान बेचने और खरीदने वालों को गवाहों के साथ संबंधित रजिस्ट्री दफ्तर आना होगा जहां दस्तावेजों और पहचान पत्र आदि की जांच के बाद बैनामे की प्रक्रिया पूरी होगी।