रोहित सिंह
गोरखपुर।
बेटी, कभी लक्ष्मी बन कर घर-आंगन में खुशियां भरती है तो जरूरत पड़ने पर चंडी भी बन जाती है।
नवरात्र देवी के शक्तिरूपों की आराधना का पर्व है। शहर ने बेटियों ने भी कई बार बनकर अन्याय और जुल्म का खात्मा करने का माद्दा भी रखती है। चैत्र नवरात्र में देवी का कल्याणकारी रूप तो शारदीय नवरात्र में शक्ति स्वरूप को पूजने की परंपरा भी इसका अहसास कराती है। ऐसे में शारदीय नवरात्र के पहले दिन हम आपकी मुलाकात शहर की एक ऐसी ही बहादुर बेटी से करा रहे हैं, जिसने दुर्गा बनकर हथियारबंद चेन स्नेचरों को दबोच लिया था।
वाकया छह अक्टूबर 2014 का है। विकासनगर की प्रगति सहाय शास्त्री चौक स्थित दफ्तर से शाम करीब पांच बजे घर के लिएनिकलीं। अचानक पीछे से आए दो बदमाशों ने पीछे से झपट्टा मारकर चेन नोचने की कोशिश की। अचानक से हुए हमले से खुद को संभालते हुए प्रगति ने एक बदमाश का कालर पकड़ लिया। प्रगति का साहस देखकर दूसरा बदमाश दुस्साहस पर आमादा हो गया। उसने प्रगति पर पिस्टल तान दी। इसके बाद भी प्रगति ने बहादुरी का परिचय देते हुए बिना डरे पहले बदमाश की कॉलर पर अपनी पकड़ बनाए रखा। सड़क के दूसरी तरफ खड़े बदमाशों के कुछ साथी पिस्टल से काम न बनता देखकर पत्थर फेंकने लगे। इसके बाद भी वह प्रगति की हिम्मत को डिगा न सके। राहगीर बदमाशों से लड़ रही प्रगति की हिम्मत को देखकर उसकी मदद को बढ़ने लगे तो पिस्टल तानने वाला बदमाश उल्टे पांव भाग गया। प्रगति की बहादुरी के आगे न तो बदमाश की पिस्टल काम आई और न तो पत्थरबाजी का जोर चला। लोगों के जुटने पर प्रगति ने 100 नंबर पर फोन किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने भी प्रगति की बहादुरी को सलाम किया। प्रगति के दुर्गा रूप ने जिस तरह एक बदमाश को जेल पहुंचवा दिया, वह शहर की दूसरी बेटियों के लिए भी मिसाल है।