संतकबीरनगर। प्रदेश सरकार गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत इससे इतर है। पिछले दो दिनों से तो और बुरा हाल है। दिनभर की कटौती तो किसी तरह लोग झेल ले रहे हैं, लेकिन रात्रिकालीन कटौती से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। बुधवार को रातभर बिजली गुल रही। इससे खलीलाबाद दक्षिणी फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को जागते हुए रात गुजारनी पड़ी। बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से न होने के कारण इंवर्टर भी जवाब दे देते हैं।
खलीलाबाद क्षेत्र के नहसापार, चकदही, केरमुआ माफी, दुबौली, धरैची, उमरी खुर्द, बनकटवा, विश्वनाथपुर, बालूशासन आदि गांवों में विद्युत कटौती के कारण लोगों की रात की नींद हराम हो गई। चकदही निवासी पन्ने लाल, रविंद्र कुमार, दुबौली निवासी विजय कुमार, विनोद, दुर्विजय आदि ने बताया कि पूरी रात बिजली गुल रही, जिसके कारण उमस भरी गर्मी में रातभर जाग कर गुजारना पड़ी। उपभोक्ताओं ने कहा कि यदि विभाग विद्युत कटौती बंद नहीं करेगा तो आंदोलन को विवश होंगे। विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता संजय कुमार ने कहा कि स्थानीय स्तर से कटौती न हो इसका प्रयास किया जा रहा है। कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण समस्या आई, जिसे दूर करा लिया गया है। वहीं धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार, धनघटा तहसील क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र मुखलिसपुर, हरिहरपुर, कोचरी, मोलनापुर से जुड़े गांवों में महज आठ से नौ घंटे ही विद्युत सप्लाई मिल पा रही है। एक पखवारे से रात में हो रही अघोषित विद्युत कटौती से लोगों रतजगा करना पड़ रहा है। तहसील मुख्यालय पर जहां आठ से नौ घंटा विद्युत सप्लाई दी जा रही है वहीं ग्रामीण क्षेत्र में महज सात से आठ घंटे ही बिजली सप्लाई दी जा रही है। क्षेत्र में बिजली के आने जाने का रोस्टर निर्धारित न होने के कारण लोगों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस भीषण गर्मी में दिन और रात्रि में विद्युत कटौती लगातार जारी है।