गोरखपुर।
स्वास्थ्य विभाग शहर भर में डेंगू मच्छर का लार्वा ढूंढ रहा है, पर उसे अपने नाक के नीचे यह नहीं दिख रहा। हाल ही सीएमओ ने रोडवेज, आरटीओ, ट्रांसपोर्टनगर समेत कई आवासीय कॉलोनियों में लोगों को डेंगू मच्छर का लार्वा मिलने पर नोटिस भेजा, लेकिन वह अपने दफ्तर के आसपास नजर दौड़ाना भूल गए। दूसरों को सफाई न करने पर 500 से 5000 रुपये तक का जुर्माना ठोंकने की चेतावनी देने वाले सीएमओ अगर न चेते तो वह खुद या फिर उनके कर्मचारी डेंगू के डंक का शिकार हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग यह मानता है कि डेंगू मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर रुके हुए साफ पानी में पैदा होता है। डेंगू फैलाने वाले इन मच्छरों के पनपने के लिए सीएमओ कार्यालय परिसर में मुफीद माहौल है। छत पर दो पुराने टायर पड़े हैं। इनमें बारिश का पानी जमा हो रहा है। इस पर किसी का ध्यान नहीं। वहीं कार्यालय के पीछे खटारा एंबुलेंस के पिचके बोनट में भी करीब डेढ़ लीटर बारिश का पानी कई दिन से इकट्ठा है। इसमें मच्छर भनभनाते नजर आते हैं। यह हाल तब है, जब सीएमओ कार्यालय शहर में दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर लार्वा मिलने के बाद उन्हें नोटिस जारी किया जा चुका है।
कौन ठोंकेगा इन पर जुर्माना
लार्वा मिलने पर दूसरों को स्वास्थ्य महकमा जुर्माने का डर दिखाता है। अब जब उनके ही कार्यालय में यह हाल है तो भला जवाबदेही कौन तय करेगा। सीएमओ के सिर के ऊपर और पीठ के पीछे आबाद मच्छरों का ‘प्रजनन केंद्र’ विभाग की मुस्तैदी की पोल खोल रहा है। बड़ा सवाल यह है कि इस तरह की लापरवाही पर दूसरों पर 500 से 5000 रुपये का जुर्माना लगाने वाले सीएमओ पर अब कौन कार्रवाई करेगा।
कोट-
इस तरह की लापरवाही अखरने वाली है। मामले में सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। साथ ही सफाई कराने के लिए नोटिस भी दिया जाएगा। इसके बाद भी हालात न सुधरे तो कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
- डॉ. पुष्कर आनंद, एडी हेल्थ