सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए शासन ने 101. 58 करोड़ की धनराशि आवंटित की है। तहसील से यह धनराशि किसानों के खाते में सीधे भेजी जाएगी। इसके लिए किसानाें को अपना खाता नंबर और बैंक का आईएफसी कोड देना होगा।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर हाल में दो माह के अंदर किसानों के खाते में सूखा राहत की धनराशि चली जानी चाहिए।
एडीएम एफआर डॉ. चंद्रभूषण ने कहा कि शासन ने किसानों को सूखा राहत के लिए 101.58 करोड़ की धनराशि आवंटित है। उन्होंनेे कहा कि इस तरह की योजना बनाए कि दो माह के अंदर सभी किसानों के खाते में धन पहुंच जाए।
इसके लिए किसानों को बताया जाए कि वह अपना वही खाता नंबर दें जो लगातार संचालित हो रहा हो। इसके साथ आईएफसी कोड भी देना होगा। जिससे बैंक से धनराशि सीधे उनके खाते में ट्रांसफर हो जाए। सूखा राहत के वितरण में दिक्कत न हो इसके लिए कोषागार में एक अधिकारी नामित होगा जिससे किसानों का भुगतान तत्काल हो जाए।
दूसरी तरफ शासन ने एक प्रारूप उपलब्ध कराया गया है। जिसमें सूखे के संबंध में जानकारी दर्ज की जाएगी। इसकी हर सप्ताह समीक्षा होगी और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। 15 दिन बाद प्रमुख सचिव इसकी समीक्षा करेंगे। गांवों के तालाबों में पानी है कि नहीं उसकी जांच होगी। इसके लिए एसडीएम गांवों का दौरा करेंगे और अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। जिन तालाबों में पानी नहीं होगा वहां पर पानी भरा जाएगा। पेयजल की यदि कहीं किल्लत है तो वहां टैंकर का पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
समीक्षा के दौरान आग लगने की भी समीक्षा की गई। मंडी सचिव की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि जिन किसानों का चेक बना है उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। समीक्षा बैठक में सभी एसडीएम, सभी तहसीलदार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।