गोंडा। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के तहत जिला पंचायत सभागार में बृहस्पतिवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। युवा अपने उद्यम स्थापित कर न केवल खुद को, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार दें।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से युवाओं को उद्योग स्थापना के लिए वित्तीय सहायता के साथ-साथ आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे युवा आत्मनिर्भर बनेंगे।
सीडीओ अंकिता जैन ने योजना की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि इच्छुक अभ्यर्थियों को योजना के अंतर्गत उद्यमिता विकास प्रशिक्षण, ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया, परियोजना रिपोर्ट तैयार करना तथा बाजार से जुड़ाव आदि विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। बताया कि यह योजना समाज के हर वर्ग के युवाओं के लिए समान रूप से लाभकारी है, विशेषकर महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए यह योजना विशेष अवसर प्रदान करती है।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने व्यवसाय की शुरुआत, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, वित्तीय प्रबंधन एवं सरकारी योजनाओं के समन्वय पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला के दौरान प्रश्न पूछे और उद्यमिता के क्षेत्र में मार्गदर्शन प्राप्त किया।
राज्य समन्वयक अमित सिन्हा एवं क्षेत्रीय समन्वयक अमन कुमार ने पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी। उपायुक्त उद्योग बाबूराम यादव समेत अन्य मौजूद रहे।
कार्यशाला की विशेषताएं
प्रथम सत्र में उपस्थित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, विश्वविद्यालयों, डिग्री कॉलेजों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थानों, इंजीनियरिंग कॉलेजों तथा स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटरों के अंतिम वर्ष/पास आउट छात्रों एवं संभावित लाभार्थियों को योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
- द्वितीय सत्र में बैंकों के शाखा प्रबंधकों, एलडीएम, सीएससी संचालकों, प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं (आरसेटी, कौशल विकास मिशन) एवं अन्य विभागों जैसे एनआरएलएम आदि की जानकारी दी गई।
- 70-80 इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स, बिजनेस ऑन व्हील्स और फ्रेंचाइजी मॉडल की जानकारी प्रदान कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।