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पहाड़ी नाले में डूबकर युवक की मौत

Thu, 16 Jul 2015 11:03 PM IST
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
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पहाड़ों पर हुई तेज बारिश के चलते बुधवार रात क्षेत्र के पहाड़ी नालों में बाढ़ आ गई है। हरैया थाना क्षेत्र स्थित जमधरा पहाड़ी नाले में नहाने गए युवक की डूबने से मौत हो गई है। कई लोगों के घरों में पानी घुसने से सामान व अनाज भी बह गया है। खरझार पहाड़ी नाले की बाढ़ से राप्ती नदी के जल स्तर में भी वृद्धि शुरू हो गई है। भारी बारिश के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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जमधरा पहाड़ी नाले में आए उफान के बीच गुरुवार सुबह हरैया थाना क्षेत्र के ग्राम फुलवरिया निवासी छोटकऊ उर्फ सियाराम (25) नहाते समय बाढ़ के पानी में बह गया। छोटकऊ की डूबने से मौत हो गई। ग्रामीणों से मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंचे हरैया थाने के उपनिरीक्षक रामवृक्ष ने बताया कि छोटकऊ के शव की तलाश कराई गई। काफी मशक्कत के बाद मृतक का शव घटना स्थल से कुछ दूरी पर बरामद हुआ है। शव का पंचनामा कर परिवारीजनों के हवाले कर दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। उधर भारी बारिश के चलते खरझार पहाड़ी नाले में भी बुधवार देर रात उफान आ गया। उफान का पानी आसपास स्थित लैबुड्डी, कनहरा, बनकटवा, सुगानगर, प्यारेडीह व तिवारीडीह सहित करीब 10 गांवों में घुस गया है। बनकटवा निवासी बाबा ने बताया कि घर में पानी घुसने के कारण उनका अनाज आदि भी गया है। गांव में बृजमोहन, जमुना, चंद्रशेखर, ननकऊ, वशीर, सगीर व शफीक आदि के घरों में भी पानी घुस गया है। तिवारीडीह निवासी गुल्लन व पप्पू जायसवाल के घर में बाढ़ का पानी घुसने से अनाज व सामान बह गया है। लैबुड्डी निवासी र ाजेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि गांव में बाढ़ का पानी भरा है। पानी के कारण गांव के तरफ आने वाले रास्ते भी प्रभावित हुए है। लोगों को जरूरी काम के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ता है। क्षेत्रीय जन सेवा सुरक्षा संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र वर्मा, डॉ. उमर, डा. चंद्रशेखर व अब्दुल मुबीन आदि ने बताया कि पहाड़ी नाले की बाढ़ से सुरक्षा के इंतजाम न किए जाने के कारण बार-बार लोगों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। फसलें भी तबाह हो जाती हैं। क्षेत्रवासियों ने डीएम से सुरक्षा के लिए बांध बनवाने, नाले की सिल्ट सफाई किए जाने तथा कटान रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की है। पहाड़ी नालों में आई बाढ़ के चलते राप्ती नदी के जलस्तर में भी वृद्धि शुरू हो गई। गुरुवार शाम नदी का जलस्तर 101.890 मीटर था, जो खतरे के निशान से करीब पौने दो मीटर नीचे है।
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