परिजनों ने प्रभारी निरीक्षक संदीप सिंह की कार्यप्रणाली पर आक्रोश व्यक्त किया। सीओ मनकापुर संजय तलवार सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने चौराहे पर पहुंचकर परिजनों को समझाया बुझाया। उसके बाद अमवा गांव के निकट पोस्टमॉर्टम के लिए जा रहे शव को रोककर परिजनों को दिखाया गया। काफी मान मनौव्वल के बाद मृतक के परिजन शांत हुए।
मृतक के पिता भगवान प्रसाद ने कहा कि क्षेत्र के एक गांव के एक व्यक्ति की लड़की की शादी उसके गांव में हुई थी। जिस लड़की की शादी हुई थी उसकी छोटी बहन का गांव में आना जाना था, जिसने उसके बेटे सनोज को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। इसी आशनाई रंजिश को लेकर योजनाबद्ध तरीके से षड्यंत्र करके लड़की के पिता, भाई, लड़की की मां और भाभी ने बृहस्पतिवार की रात 11 बजे लड़की से फोन कराकर उसके लड़के को बुलाया।
मृतक के बड़े भाई अजय कुमार ने बताया कि उसका भाई घर से मोटर साइकिल से निकला था। मृतक के पिता का आरोप है कि सनोज के वहां पहुंचने पर लड़की व उसके पिता, भाई, माता और भाभी ने उसके बेटे की हत्या कर शव घर के पास गन्ने के खेत में फेंक दिया। भगवान प्रसाद ने बताया कि लड़की ने सुबह उसके घर पर आकर सूचना दी कि उसके बेटे ने फांसी लगाकर जान दे दी है।
मृतक के भाई अजय कुमार का आरोप है कि छपिया पुलिस शव को बिना परिजनों को दिखाए और बिना पंचनामा किए ही पोस्टमार्टम के लिए ले जा रही थी। सीओ मनकापुर संजय तलवार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सनोज के पिता की तहरीर पर प्रेमिका समेत पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। शांति व्यवस्था कायम है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
रो-रोकर बेहाल हैं परिजन
मृतक सनोज कुमार अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई अजय कुमार घर पर रहता था। मंझला भाई मनोज कुमार विदेश में नौकरी कर रहा है। मृतक की चार बहनें हैं। उसकी माता धूपा देवी, बड़ी बहन गुड़िया देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके घर पर ग्रामीणों व रिश्तेदारों की भीड़ लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि सनोज काफी मिलनसार था। उसकी हत्या से सभी लोग अवाक हैं।