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Gonda News: एक साथ कई निशाने साध गए योगी

Sat, 06 Jun 2026 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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चकरौत में हुई जनसभा में मौजूद सीएम योगी व अन्य नेता।
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गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोंडा दौरा केवल प्रशासनिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मंच, भाषण की शैली और विषय चयन में राजनीतिक संदेश स्पष्ट रूप से झलकता नजर आया।
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गोंडा जिले की सातों विधानसभा सीटों पर वर्तमान समय में भाजपा का कब्जा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक खींचतान और आंतरिक प्रतिस्पर्धा की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री के संदेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की कि राजनीतिक एकता और संगठनात्मक अनुशासन विकास कार्यों की गति और परिणामों के लिए जरूरी है। साथ ही यह भी संदेश उभरकर सामने आया कि जनसमर्थन का आधार केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि विकास और जनकल्याणकारी कार्यों पर निर्भर है।
मुख्यमंत्री ने गोंडा और अयोध्या के ऐतिहासिक तथा सामाजिक संबंधों को विशेष रूप से रेखांकित किया। राम मंदिर आंदोलन के दौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह संकेत दिया कि इस पूरे क्षेत्र ने उस समय सक्रिय भूमिका निभाई थी, जब अयोध्या में आंदोलन अपने चरम पर था। अयोध्या से सटे होने के कारण गोंडा की भौगोलिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और वैचारिक पहचान को भी उन्होंने सामने रखा।
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पिछड़ेपन पर टिप्पणी और विकास का नैरेटिव
मुख्यमंत्री ने गोंडा के विकास को लेकर स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि आजादी के बाद अपेक्षित विकास नहीं हो सका। इसके पीछे उन्होंने तुष्टिकरण, जातिवाद, भाई-भतीजावाद और अराजकता जैसे कारणों को जिम्मेदार बताया। इस टिप्पणी को 2017 से पहले की सरकारों पर अप्रत्यक्ष राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। यह संदेश भी सामने आया कि वर्तमान सरकार विकास को प्राथमिकता देकर उस पुरानी व्यवस्था को बदलने का प्रयास कर रही है, जिसमें विकास की गति बाधित रही। मुख्यमंत्री द्वारा 2017 से पहले की राजनीतिक व्यवस्था का उल्लेख विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संकेत निकलता है कि सत्ता परिवर्तन के बाद ही विकास की दिशा और गति में बदलाव आया है।
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