गोंडा। करें योग रहें निरोग के उद्घोष के बीच 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग के जनक महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली कोंड़र को सहेजने की मुहिम शुरू हो गई है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोंड़र में पहली बार जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर स्थित कोंड़र गांव की आबादी करीब तीन हजार है। शुक्रवार को मुख्य मार्ग से लेकर पतंजलि आश्रम तक व कंपोजिट स्कूल परिसर में सफाईकर्मियों की टीम मैदान समतल करने में लगी रही। कुछ लोग दीवारों पर पेंटिंग तो कुछ रास्ते में सफाई कराते रहे।
सनातन धर्म परिषद के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने बताया कि योग के जनक महर्षि पतंजलि शेषावतार हैं। उनकी जन्मस्थली गोंडा के वजीरगंज के कोंड़र में है। वह यहां पर नौ वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैली कोंड़र झील के समीप अपने आश्रम में रहते थे। सर्पाकार होने के कारण एक बार एक शिष्य ने पर्दे के कोने से झांककर उन्हें देखने का प्रयास किया। इसके बाद वह अदृश्य हो गए। महर्षि पतंजलि के आश्रम में रामजानकी मंदिर, शिव मंदिर, देवी स्थान सहित अन्य देवताओं के पूजन स्थल हैं। यहां पर साढ़े पांच फिट ऊंची महर्षि पतंजलि की मूर्ति राजस्थान से मंगवाकर स्थापित कराई गई है। जिसका अभी अनावरण नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पतंजलि की स्मृतियों को संजोने के लिए कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
ये हो रहे प्रयास
पतंजलि की जन्मस्थली को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग ने एक करोड़ 38 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई है। इससे यहां पर मल्टीपरपज हाॅल, पर्यटकों के ठहरने के लिए आवश्यक प्रबंध, बेंच व अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
महर्षि पतंजलि के नाम पर स्थानीय विधायक प्रेमनरायन पांडेय ने द्वार का निर्माण कराया है।
महर्षि पतंजलि के आश्रम के समीप कोंड़र झील के विकास को लेकर कई स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। इसे इको टूरिज्म से जोड़ने की तैयारी है।
कोंड़र गांव में सौ बेड का आयुष मेडिकल कॉलेज व अस्पताल का निर्माण कराने की कवायद चल रही है। इसके लिए आयुष विभाग को जमीन दे दी गई है।
मुख्य मार्ग से पतंजलि आश्रम तक जाने वाली करीब 500 मीटर सड़क का निर्माण कराया गया है।
इनका मिले साथ तो बन जाए बात
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विपिन सिंह का कहना है कि यह सौभाग्य है कि वह महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली पर पैदा हुए। यहां पर योग या संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना हो जाए तो स्थानीय युवाओं को लाभ होगा। गांव के ही पवन दास का कहना है कि महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली के विकास को लेकर और अधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। सर्वदमन सिंह का कहना है कि पहले की अपेक्षा अब कुछ प्रयास हुए हैं। इसमें और तेजी लाई जानी चाहिए। भगवंत सिंह का कहना है कि महर्षि पतंजलि विश्व के गौरव हैं। ऐसे में कोंड़र में उनके अनुरूप कार्य होने चाहिए।
योग के लिए आज जुटेंगे लोग
कोंड़र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सुबह 06:30 बजे से मुख्य कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें जिले के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान सहित अन्य प्रतिभाग करेंगे। डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर 18 अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडीएम को कार्यक्रम का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
ये हुई है पहल
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर इस बार जिला प्रशासन ने पहली जून से व्यापक स्तर पर जागरूकता की मुहिम शुरू की है। जिसमें नुक्कड़ नाटक, निबंध, रंगोली व पोस्टर प्रतियोगिता आदि का सहारा लिया गया है। शहर से लेकर गांव तक प्रमुख स्थलों व पार्कों में योग प्रशिक्षण शिविर लगवाए गए हैं। विशेष पहल के तहत सरयू नदी के किनारे बसे गांवों में रहने वाले मल्लाह, बुनकर व दिहाड़ी मजदूरों के बच्चों को उनके घर पर जाकर योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।