सातवें वेतन आयोग के खिलाफ मंगलवार को कई विभागों के कर्मचारियों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मियों ने आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी है। कर्मियों ने दो दिनों तक कलमबंद हड़ताल करने का निर्णय लिया है।
कलेक्ट्रेट में मंगलवार को धरना-प्रदर्शन के दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष पवन श्रीवास्तव ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के आवाह्न पर दो दिवसीय कलम बंद हड़ताल की जा रही है। कहा कि एकता की शक्ति से ही हम अपनी लड़ाई को जीत सकते हैं।
परिषद के जिला महामंत्री आरएस मिश्र ने कहा कि संघ ने कई बिन्दुओं को लेकर जो लड़ाई छेड़ी है उसे अंतिम दम तक लड़ी जाएगी।
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के जिलाध्यक्ष वीएन उपाध्याय ने कहा कि मांगे पूरी न होने तक लड़ाई लड़ी जाएगी। सभी कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में लड़ाई का अभियान जारी रखेंगे।
परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकिशोर सिंह ने भी कर्मचारियों के हित में लड़ाई लड़ने का संकल्प दोहराया।
विभागों में चतुर्थ श्रेणी पदों पर कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने, पुरानी पेंशन नीति को लागू करने, वेतन विसंगितयों को दूर करने और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में संशोधन करने की मांग के समर्थन में ट्रेजरी, विकास भवन, सिंचाई विभाग, एआरटीओ, जल निगम, कृषि, लघु सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, रोडवेज, व्यापार कर, ग्रामीण अभियंत्रण, पंचायत, पशुपालन, ग्राम्य विकास आदि विभागों के कर्मचारी धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए।
कलेक्ट्रेट के कर्मियों ने भी दो दिवसीय कलमबंद हड़ताल का समर्थन किया। इस दौरान पंकज पांडेय, विनय सिंह, महमूद, सुशील कुमार, संजय गुप्ता, संजय कुमार, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, जगदीश प्रसाद, बनारसी राम आदि ने भी धरने को संबोधित किया।