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Gonda News: फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र पर दे दिया चहेते फर्म को काम

Fri, 01 Dec 2023 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। ग्रामीणों को बिजली देने के नाम पर कराए गए टेंडर में बड़ी अनियमितता का खुलासा हुआ है। जिस अनुभव के आधार पर काम दिया गया, वह भी सही नहीं पाया गया है। वहीं, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के तत्कालीन मुख्य अभियंता ने फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र की बदौलत चहेते फर्म को काम दे दिया। बदले में उनके बेटे को गिफ्ट में कार देकर उपकृत किया गया। बेटे को ठेकेदार की कार मिलने से निष्ठा पर संदेह जताया गया है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
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वर्ष 2014 में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (आरजीजीवीवाई) के तहत जिले के 700 सौ मजरों में विद्युतीकरण के साथ ही विद्युत कनेक्शन देने के लिए टेंडर कराया गया। वर्ष 2019 में योजना पूरी होने के बाद इस साल 15 मार्च को मामले की समाज कल्याण मंत्री के आदेश के बाद समाज कल्याण देवीपाटन मंडल उपनिदेशक केएल गुप्ता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच शुरू की गई।
इसमें पता चला कि ठेकेदार ओमवीर सिंह के जिस गौतमबुद्धनगर नोएडा न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अनुभव प्रमाणपत्र के आधार पर फर्म को काम दिया गया। प्राधिकरण की ओर से इस तरह के किसी भी अनुभव प्रमाणपत्र को जारी करने व फर्म के काम करने से इंकार किया है। इतना ही नहीं जांच में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से सेवानिवृत्त तत्कालीन मुख्य अभियंता एसपी करगेती पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। उपनिदेशक केएल गुप्ता ने बताया कि जांच पूरी कर भेज दी गई है।
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जांच कमेटी ने रिपोर्ट में किया अहम खुलासा
बुलंदशहर संभागीय परिवहन अधिकारी ने कमेटी को बताया कि 15 लाख रुपए की कार (यूपी 13 बीएच 5513) ओमवीर सिंह ने शोरूम से खरीदी। जिसे बाद में प्रवीन कुमार के नाम स्थानांतरित की गई। वहीं, प्रवीन कुमार ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्य अभियंता एसपी करगेती के बेटे प्रतीक करगेती के हाथों बेचा है। ऐसे में जांच कमेटी ने ठेकेदार ओमवीर सिंह व मुख्य अभियंता एसपी करगेती के बीच कार्य की निष्ठा को लेकर संदेह जताया है। वहीं, भौतिक सत्यापन के बाद अधिकतर एचटी लाइन खंभों पर गाउटिंग नहीं की गई। मगर एचटी लाइन गाउटिंग नाम पर 73.24 लाख रुपये खर्च किया गया है। ऐसे में कमेटी ने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच में पुष्टि की है। इसके अलावा अन्य आरोपों को लेकर भी कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी है।


शिकायत पर गठित की गई थी टीम
विद्युतीकरण के लिए बुलंदशहर की कार्यदायी संस्था मेमर्स ओमवीर सिंह को नामित किया गया था। वहीं, 15 मार्च को बुलंदशहर के कौशल कुमार व गाजियाबाद की मेघना चौधरी ने कार्यदायी फर्म पर करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगाए। इसपर समाज कल्याण मंत्री ने जांच के आदेश दिए थे। मंडलायुक्त योगेश्वरराम मिश्र ने समाज कल्याण उपनिदेशक केएल गुप्ता की अध्यक्षता में एक्सईएन राधेश्याम भास्कर और जिला पंचायत वित्त एवं लेखाधिकारी कामेश्वर प्रसाद की संयुक्त टीम गठित की थी।


निदेशक ने दोबारा जांच के लिए किया अनुरोध
विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जिसके आधार पर कार्रवाई की जानी है। मगर समाज कल्याण विभाग निदेशक की ओर से दोबारा जांच के लिए अनुरोध किया गया है। ऐसे में बिंदु मांगे गए हैं। जिसके आधार पर जांच करवाई जाएगी।
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- योगेश्वर राम मिश्र, कमिश्नर
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