सभी कामनाओं को पूर्ण कर मन की चिंता खत्म करने वाली मां मन चिंता देवी का व्रत शनिवार को कन्याओं व महिलाओं ने रखा। सज-धज कर तालाब के किनारे व देवस्थान पर लगे वट वृक्ष तले पहुंचीं महिलाओं व कन्याओं ने पूजन कर सुख-समृद्धि, संतान सुख, पति की दीर्घायु सहित अन्य मंगल कामनाएं कीं।
शनिवार की सुबह से ही लेकर महिलाओं व कन्याओं में उत्साह रहा। महिलाओं व कन्याओं ने तालाब किनारे व वट वृक्ष के तले पहुंचकर आंटे की मछलियां बनाईं और उसकी पूजा की। साथ ही वट वृक्ष पर धागा लपेट कर उसकी परिक्रमा की और मनौतियां मानीं।
पूजन के दौरान महिलाओं ने 21 बार पानी मुंह में डालकर संकल्प को दोहराया और सूर्य को अर्घ्य दिया।
इटियाथोक के ढोंगही निवासी पं. बनवारी प्रसाद पांडेय ने बताया कि मन चिंता देवी का पूजन करने से मन के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं और चिंता से मुक्ति मिलती है।
सुहागिनों की जहां संतान सुख, धन समृद्धि व पति के दीर्घायु की कामना पूरी होती है, वहीं कन्याओं को समृद्धिशाली ससुराल व मनचाहा पति मिलता है।
नगर के पोर्टरगंज स्थित तालाब के किनारे सुबह छह बजे से करीब 12 बजे तक भीड़ लगी रही। नगर के मालवीयनगर स्थित नागा बाबा मंदिर में भी महिलाओं ने पूजन कर मनौतियां मानीं।