गोंडा। बहराइच रोड स्थित अवैध अस्पताल में दो नवजातों की मौत के बाद सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा के विवादित बयान को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष समेत अन्य महिलाओं ने इसका विरोध जताया।
भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष बीनाराय राजभर ने कहा कि प्रसव पीड़ा व अपने बच्चे को खोने का दर्द एक महिला से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। सीएमओ खुद एक महिला हैं और उन्होंने इस तरह संवेदनहीन बयान दिया है। ऐसे संवेदनहीन लोगों को जिम्मेदार पदों पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।
नगर मंडल की उपाध्यक्ष सरिता तिवारी ने भी सीएमओ के बयान की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे बयान से नवजातों की माताओं का दर्द और भी बढ़ गया होगा। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर सीएमओ अब सफाई पेश करते हुए मृत नवजातों के परिवारों के प्रति संवेदना जता रही हैं।
जांच टीम ने दर्ज किए बयान
नवजातों की मौत के मामले में एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. जीएम चिश्ती व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार ने सोमवार को जिला महिला अस्पताल जाकर एसएनसीयू के स्वास्थ्यकर्मियों का बयान दर्ज किया। पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात कर उनका भी बयान दर्ज किया गया।
आत्मदाह की चेतावनी
करनैलगंज। सीएचसी करनैलगंज में महिला का प्रसव शौचालय में कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित राजू निषाद ने बताया कि वह स्वयं, पत्नी और मां तीनों ने शपथपत्र के साथ जांच समिति के समक्ष बयान दिया है। पेनड्राइव में घटना से जुड़े साक्ष्य भी सौंप दिए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अभी तक कुछ नहीं हुआ। राजू का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कुछ कर्मचारी उन्हें डरा-धमकाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित ने 15 सितंबर की शाम तक आरोपी स्टाफ नर्स एवं अधीक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई न होने पर पत्नी और मां के साथ लखनऊ में उपमुख्यमंत्री के सरकारी आवास के समक्ष आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।