राज्य महिला आयोग की सदस्य इंद्रासना त्रिपाठी ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की समस्याएं सुनीं। दोनों पक्षों के उपस्थित न होने के कारण किसी भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। पीड़िताओं से प्रार्थनापत्र लेकर आयोग की सदस्य ने जिला प्रशासन को एक माह में समस्याओं का निराकरण कराने का निर्देश दिया।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पीड़ित महिलाओं का दुखड़ा सुनने पहुंची राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि 21वीं सदी में भी देश की आधी आबादी अपनी समस्याओं को खुलकर नहीं कह पा रही है।
तुलसीपुर के रानी बाजार की रहने वाली शहनाज ने आयोग की सदस्य को बताया कि घरेलू हिंसा के चलते वह डेढ़ साल से दर-दर भटक रही है मगर उसे न्याय नहीं मिल रहा है।
ललिया क्षेत्र की मैनावती ने बहू की प्रताड़ना की शिकायत की। ललिया के ग्राम जगतापुर की रहने वाली नेहा द्विवेदी ने भी अपनी पीड़ा सुनाई। कई अन्य महिलाओं ने भी दुखड़ा सुनाया।
इन सभी मामलों में दूसरे पक्ष की मौजूदगी न होने के चलते एक भी प्रार्थनापत्र का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। आयोग की सदस्य ने एएसपी एसके राय, एसडीएम आरके सिंह यादव, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी व प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी डीडी सिंह आदि को सभी प्रार्थनापत्रों की सुनवाई करके एक माह में निस्तारण कराने का निर्देश दिया।
निर्धारित समय में मामलों का निस्तारण न होने पर आयोग की सदस्य ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस दौरान नीरज वर्मा, खुर्शीद अहमद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।