गोंडा। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक जानकारी के लिए जिला अस्पताल में सुरक्षा क्लीनिक की फिर से शुरुआत की गई है। बृहस्पतिवार को पहले दिन दो मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। केस एक: रुपईडीह के मल्लापुर निवासी एक 32 वर्षीय महिला को एक साल से पेट दर्द की शिकायत थी।
वजाइनल डिस्चार्ज (योनिश्राव) व अनियमित माहवारी की समस्या थी। बृहस्पतिवार को महिला अस्पताल के सुरक्षा क्लीनिक में वीआईए टेस्ट किया गया, रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सर्वाइकल कैंसर के लक्षण मिलने पर डॉ. सुवर्णा कुमार ने मरीज की काउंसलिंग करते हुए क्रायोथेरेपी कराने की सलाह दी।
केस दो:
आटा परसपुर निवासी 35 वर्षीय महिला को वजाइनल डिस्चार्ज (योनिश्राव) की समस्या थी। आशा की मदद से महिला अस्पताल में लाकर वीआईए टेस्ट करवाया गया। मरीज की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। लेकिन सर्वाइकल कैंसर से बचाव संबंधी जानकारी देते हुए तीन माह लगातार जांच करवाने की सलाह दी गई।
क्रायोथेरेपी से हो सकता सुधार
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुवर्णा कुमार ने बताया कि प्रत्येक बृहस्पतिवार को सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग कर उनका उनका प्रारंभिक इलाज किया जाएगा। रेफरल सेंटर भेजकर उनका इलाज कराया गया। यहां क्रायोथेरेपी से उसकी सेहत में सुधार हो सकता है। सुरक्षा क्लीनिक महिलाओं में जिंदगी जीने का जज्बा पैदा कर रही है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी घर-घर जाकर जानकारी दे रहे हैं।