नवाबगंज (गोंडा) स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते नसबंदी के दो महीने बाद एक महिला के फिर से गर्भवती हो गई। मामला सामने आने के बाद विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
तीन बच्चों की मां नगवा के बाबा ज्ञानदास पुरवा निवासी रेनू यादव ने परिवार नियोजन का स्थायी साधन अपनाया लेकिन, फिर से वह गर्भवती हो गई। एक बार फिर उसे चौथे बच्चे की मां बनना पड़ेगा। रेनू के पति विनोद यादव ने बताया कि गरीबी के चलते तीन बच्चों की परवरिश ही मुश्किल से हो पा रही है, जिसके कारण दो महीना पहले शिविर में जाकर नसबंदी करवाई थी। लेकिन हाल ही में उसकी पत्नी रेनू के पेट में दर्द होने लगा तो महिला अस्पताल जाकर अल्ट्रासाउंड करवाया। जिससे रेनू के फिर से गर्भवती होनेे की पुष्टि हुई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विनियेश त्रिपाठी ने बताया कि कभी-कभी नसबंदी के असफल हो जाती है। महिला की जांच कराई जाएगी, अगर वह नसबंदी होने के बाद दोबारा गर्भवती हुई है तो उसे सरकार से उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।