महाराष्ट्र के मुंबई शहर निवासी प्रताप चव्हाण पिछले 30 वर्ष से धानेपुर के चौक बाजार मे स्व. नरसिंह सोनी के मकान में परिवार समेत किराये पर रहता है। यहीं से थोडी दूर पर प्रताप ने एक दुकान किराए पर ले रखी है और उसी मे चांदी को गलाने का काम करता है।
प्रताप के मुताबिक तीन माह पहले वह अपनी बेटी की शादी के लिए मुंबई गया था। शादी के बाद वह अपनी बेटी मोहिनी (22) के साथ वापस धानेपुर आ गया था, जबकि उसकी पत्नी व बेटे मुंबई में ही हैं।
प्रताप ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे वह अपनी दुकान पर चला गया था। घर में उसकी बेटी मोहिनी अकेली थी। दोपहर करीब दो बजे जब वह खाना खाने के लिए घर आया तो दरवाजा अंदर से बंद था।
इस पर उसने अपनी बेटी को आवाज दी, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। किसी अनहोनी की आशंका के चलते उसने अपने पड़ोसियों समेत पुलिस को इस बात की सूचना दी। मौके पर पहुंची धानेपुर पुलिस ने मकान का दरवाजा तोड़ा।
अंदर जाकर देखा तो मोहिनी का शव कमरे मे लगे लोहे की सरिया से दुपट्टे के सहारे लटक रहा था। शव के पास ही एक पन्ने का सुसाइड नोट भी पड़ा हुआ था। सुसाइड नोट में मृतका ने स्वयं आत्महत्या किये जाने की बात लिखी है।
इसके लिए उसने अपने पिता से माफी भी मांगी है। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से उसकी डायरी व पेन भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक मोहिनी के पिता प्रताप ने उसकी लिखावट की पहचान की है।
पुलिस ने लोगों की मौजूदगी में शव को उतरवाया व पंचनामा करने के बाद उसे अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष देवेंद्र पांडेय का कहना है कि लड़की के आत्महत्या किए जाने के कारणों का पता नहीं चल सका है। मामले की छानबीन की जा रही है।