बलरामपुर डिपो की कार्यशाला में महिला कर्मी को बिना नौकरी किये करीब 17 साल तक वेतन भुगतान करने का मामला प्रकाश में आया है। डिपो के कर्मचारियों का कहना है कि जिस महिला कर्मी के नाम पर हर महीने वेतन दिया गया उसे कोई पहचानता तक नहीं है। कर्मचारियों ने विभागीय उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
देवीपाटन परिक्षेत्र के बलरामपुर डिपो के कार्यशाला कर्मी घनश्याम ओझा, लेेखमणि पाठक, सर्वजीत यादव, राम प्रकाश, इंद्रशेखर, कैलाशनाथ, बृजनाथ सिंह, संजय सिंह, संतोष सिंह, सुग्रीव कुमार मौर्य व देव शरण सिंह आदि ने कहा है कि बलरामपुर डिपो की कार्यशाला में वर्ष 1996 से तैनात महिला कर्मी शाहजहां बेगम को किसी ने कभी नहीं देखा।
वहीं दूसरी तरफ शाहजहां बेगम के नाम से हर महीने वेतन का भुगतान करीब 17 वर्षों तक लगातार होता रहा। इन कर्मचारियों ने कहा की महिला कर्मी को वेतन के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की भी मिलीभगत रही है। इन लोगों ने विभागीय उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
वर्कशाप में तैनात शाहजहां बेगम पत्नी स्वर्गीय मोहम्मद ईस्माईल को बिना काम किये ही वेतन देने की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - एचके मिश्रा, एआरएम बलरामपुर डिपो