सिंचाई विभाग के बाढ़ कार्य खंड के कार्य भी अजब-गजब हैं। वाणिज्य कर विभाग के 2.20 करोड़ रुपये के वैट के बकाएदारी का भुगतान किये बगैर नये कार्य के लिए टेंडर जारी कर दिया। जानकारी होने पर वैट विभाग की टीम के पहुंचने के बाद टेंडर की बिक्री करने वाले कर्मचारी खिसक लिए।
वाणिज्य कर विभाग ने बाढ़ कार्य खंड पर वैट की बकाएदारी वसूली करने की आरसी जारी की है। सिंचाई विभाग के बाढ़ कार्य खंड गोंडा पर वाणिज्य कर विभाग का 2.20 करोड़ रुपये क ा वैट बकाया है। कई बार नोटिस देने के बाद भी विभाग ने बकाएदारी की रक म चुकता नहीं की।
मजे कि बात तो यह है कि बाढ़ कार्य खंड में सोमवार को नए कार्य के लिए टेंडर की बिक्री की जा रही थी। इसकी जानकारी होने पर वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर अरविंद कुमार ने विभाग के डिप्टी कमिश्नर सुनील कुमार वर्मा व डिप्टी कमिश्नर केके वर्मा को मामले की पड़ताल के लिए भेजा।
वाणिज्य कर विभाग के अफसरों की टीम जैसे ही बाढ़ कार्य खंड पहुंची, वहां अफरातफरी मच गई। टेंडर बिक्र ी करने वाले धीरे से खिसक लिए। टीम के अधिकारियों का कहना है कि वाणिज्य कर विभाग का बकाया चुकाया नहीं और नए कार्य के लिए टेंडर बिक्री शुरू कर दी।
इस पर वाणिज्य कर विभाग ने वसूली की आरसी जारी की है। इस बाबत बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार सिंह से जानकारी करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
बाढ़ कार्य खंड पर अभी भी 2.20 करोड़ रुपयों का वैट बकाया है, जिसकी आरसी जारी की गई है। वैट की वसूली के लिए जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया है। विभाग के बैंक खाते को सीज करने के साथ वसूली की कार्रवाई करायी जाएगी।
- अरविंद कुमार , ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्य कर संभाग गोंडा