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जेसीबी से करा रहे विकास कार्य, निकाल रहे मस्टररोल का धन

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गोंडा। ग्राम पंचायतों में मनरेगा मजदूरों से कराया जाने वाला काम अब जेसीबी व रोटावेटर से कराया जा रहा है। ब्लाक से प्रतिदिन मास्टर रोल निकल रहा है। श्रमिकों से कार्य नहीं कराया जा रहा है। जिसकी शिकायत लोगों ने जिलाधिकारी से करते हुए जांच व कार्रवाई की मांग की है।
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ग्राम पंचायतों में लोगों को रोजगार मुहैया हो और लोगों को घरों से रोजगार के लिए बाहर के लिए पलायन न करना पड़े इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा से अनेक काम कराए जा रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में प्रधान का अधिकार खत्म होने एवं प्रशासक नियुक्त हो जाने के बाद से मनरेगा कार्यों में गोरख धंधा शुरू हो गया है। जिसमें बिना काम के ही भुगतान होने लगा। ग्राम पंचायतों में मास्टर रोल निकल रहा है, परंतु काम श्रमिकों द्वारा न कराकर बल्कि जेसीबी, रोटावेटर व ट्रैक्टर से कार्य कराए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत चौहट्टा के सरयू नहर खंड 5 की माइनर लक्ष्मनपुर में नहर की पटरी की सफाई दो किलोमीटर होनी थी।
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जिसका एस्टीमेट पांच लाख बनाया गया और मनरेगा से कार्य करने के लिए मास्टर रोल भी जारी कर दिया गया। परंतु विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ग्राम रोजगार सेवक ने मनरेगा मजदूर से काम न कराकर बल्कि ट्रैक्टर रोटावेटर से नहर की पटरी को जुताई कर कराकर रोटावेटर चला दिया गया।
ऐसी स्थिति में सामाजिक कार्यकर्ता नानबच्चा, सुशील कुमार, एडवोकेट शिवकुमार तिवारी, पंकज तिवारी, सहित दर्जनों लोगों ने जिलाधिकारी को एक पत्र देकर माइनर पर मनरेगा से कराए गए कार्यों की जांच व कार्रवाई की मांग की है । श्रमिकों ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि सरयू नहर के अधिकारी व कर्मचारी भी इसमें संलिप्त हैं ।ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायतों द्वारा कराए गए मनरेगा के कार्यों व सरयू नहर के विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के कराए गए कार्यों की जांच व कार्रवाई की मांग की।
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