गोंडा। जिले में स्थापित होने वाले राज्य विश्वविद्यालय को अन्य जिले में बनाने की मांग उठने पर लोगों के तेवर तल्ख हो गए हैं। रविवार को गांधी पार्क में युवाओं, समाजसेवी, अधिवक्ता, शिक्षकों के साथ लोगों ने संकेतिक धरना दिया। एलान किया कि हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब देंगे और विश्वविद्यालय जिले से बाहर नहीं जाने देंगे।
जिले के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर आक्रोश भी जताया। इंकलाब फाउंडेशन के अविनाश सिंह ने कहा कि बलरामपुर के नेताओं ने डोमाकल्पी को बाढ़ग्रस्त बताकर विश्वविद्यालय को बलरामपुर में बनवाने की मांग की है, जो झूठ है। यह बहुत ही निंदनीय है। संयुक्त अधिवक्ता महासंघ के मंडल अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रवि प्रकाश पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय मंडल मुख्यालय पर बनवाने की घोषणा की है और यह बनकर ही रहेगा।
एलबीएस डिग्री कॉलेज प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष वर्षा सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय स्थापना डोमाकल्पी परसपुर में ही होना चाहिए। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय व जिला कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार सिंह, यूटा के जिलाध्यक्ष रवि सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय तय स्थल पर ही बने। शिक्षक संघ अटेवा के जिलाध्यक्ष अमर यादव, परसपुर विकास मंच के अरुण कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को लेकर किसी भी प्रकार की राजनीति न हो। यह आमजन से जुड़ा मुद्दा है और छात्र-छात्राओं के भविष्य का सवाल है।
धरने में रेडक्रॉस सोसाइटी के केबी सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ के विपिन कुमार सिंह, युवा भाजपा नेता आनंद विक्रम सिंह, परसपुर क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य विनय शंकर द्विवेदी, माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष सुरेश सिंह, मंडलीय अध्यक्ष वीर विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।