गोंडा। जिले में संपूर्ण समाधान दिवसों पर तहसीलों में अधिकारी बढ़-चढ़कर सुनवाई कर रहे हैं। मगर समाधान के लिए फरियादियों को भटकना पड़ रहा। शनिवार को जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम नेहा शर्मा व एसपी विनीत जायसवाल, सदर तहसील में सीडीओ एम. अरुन्मोली और करनैलगंज में एडीएम आलोक कुमार ने सुनवाई के बाद समाधान का भरोसा दिया है। वहीं, तरबगंज तहसील में कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील व डीआईजी अमरेंद्र प्रसाद सिंह के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया।
जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में बहुवन मदार माझा निवासी एक व्यक्ति ने डीएम व एसपी से कहा कि उसकी पत्नी व बच्चे 15 दिन से लापता हैं। बार-बार प्रार्थनापत्र देने के बावजूद भी पुलिस नहीं सुन रही है। डीएम ने तत्काल एसपी से बात की और परसपुर थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। नकहरा निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि पिछले साल एसडीएम के मौखिक आदेश पर नाविकों से भाड़े पर 12 नाव लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगा दी गई थीं। कई बार शिकायत के बावजूद बकाया भाड़ा नहीं मिला। मुंडेरवा गांव निवासी विवेक सिंह ने बताया कि 10 वर्ष पहले गांव में एएनएम सेंटर बना दिया गया, मगर संचालित नहीं हो सका। सकरौरा के मदरसे में नौकरी के नाम पर दिव्यांग से वसूली की शिकायत भी अधिकारियों से की गई।
करनैलगंज में 87 में से एक और मनकापुर में 91 में से तीन शिकायतों का मौके पर समाधान हो सका। सदर तहसील में आईं 87 शिकायतों में से एक का भी मौके पर समाधान नहीं हो सका। तरबगंज में कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील व डीआईजी अमरेंद्र प्रसाद ने सुनवाई की।
वहीं, एडीएम आलोक कुमार ने मनकापुर में संपूर्ण समाधान दिवस पंजिका का निरीक्षण किया। इस दौरान बीडीओ मनकापुर, छपिया, बभनजोत, अधिशासी अधिकारी मनकापुर, प्रभारी निरीक्षक मनकापुर, छपिया, खोड़ारे, मोतीगंज, सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण, अधीक्षक चिकित्साधिकारी मनकापुर, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी, सहायक अभियंता लघु सिंचाई अनुपस्थित मिले। हालांकि कुछ अधिकारियों ने अपने अधीनस्थों को भेजा था। एडीएम ने उक्त 12 विभागाध्यक्षों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है।