गोंडा। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के मामले में गोंडा व बलरामपुर जिले का नाम भी चर्चा में आ गया है। हाथरस में भी फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी होने का मामला उजागर हुआ है। इसमें गोंडा व बलरामपुर के लोगों के नाम से भी प्रमाणपत्र जारी हुए हैं। हाथरस जिला प्रशासन पूरे मामले की जांच करा रहा है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद मंडल के दोनों जिलों के लोग भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
हाथरस के हसायन विकासखंड की ग्राम पंचायत सिंचावली सानी के वीडीओ की यूजर आईडी से गत 19 महीने में प्रदेश के 47 जिलों समेत देश के छह राज्यों के लिए जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए थे। इसमें गोंडा व बलरामपुर का नाम भी शामिल है। हाथरस प्रशासन की मानें तो गांव की आबादी महज 814 है और जन्म प्रमाणपत्र जारी होने के 1100 मामले सामने आए हैं। इसके बाद वहां के जिलाधिकारी ने जांच शुरू कराई है।
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत सिंचावली सानी से एक जनवरी 2023 से दो अगस्त 2024 तक (19 माह में) 1100 जन्म प्रमाणपत्र जारी हुए हैं। हाथरस में हो रही जांच में गोंडा व बलरामपुर के लोगों की पहचान हो रही है। हालांकि अभी इन लोगों के नाम नहीं बताए जा रहे हैं। जल्द ही मामले में बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जिला पंचायतीराज अधिकारी लालजी दुबे ने बताया कि फर्जी तरीके से जन्म प्रमाणपत्र जारी होने के मामले की हाथरस जिला प्रशासन जांच करा रहा है। जिले में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।