खरगूपुर। देवरिया कला गांव निवासी होमगार्ड शिवभान तिवारी के बेटे पदुमनाथ तिवारी (28) ने अपने घर के कमरे में देर रात फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह काफी देर तक पदुम कमरे से नहीं निकले। आवाज देने पर कोई जवाब भी नहीं मिला। परिजनों ने दरवाजे के झरोखे से अंदर देखा तो शव फंदे से लटका नजर आया।
गांव निवासी बलराम तिवारी ने बताया कि उनके पिता शिवभान तिवारी रुपईडीह कंपनी में कार्यरत हैं। मंगलवार को वह मंडलायुक्त कार्यालय में ड्यूटी करने गए थे। घर में उनकी मां शिवप्यारी और छोटे भाई पदुमनाथ थे। पदुमनाथ नशे के आदी हो गए थे। इसके चलते पत्नी रिंकी से उनका विवाद होता था।
पत्नी ने पदुम को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराने के लिए कहा, लेकिन मां व पिता ने नहीं माने। इससे नाराज होकर रिंकी मायके चली गईं। पदुमनाथ ने रिंकी को बुलाया, लेकिन उन्होंने यह कहकर आने से मना कर दिया कि जब तक नशा नहीं छोड़ेंगे, वह ससुराल नहीं आएगी। पत्नी के नहीं आने से दुखी होकर पदुम ने जान दे दी। प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जांच की जा रही है।