गोंडा। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले में हो रही गेहूं की खरीद इस वर्ष भी लक्ष्य से कोसों दूर रह गई। मात्र 26.60 फीसदी ही गेहूं खरीद के साथ रविवार को सभी क्रय केंद्र बंद हो गए। वहीं, मक्का खरीदने के लिए पांच क्रय केंद्रों की शुरूआत की गई है।
रबी विपणन वर्ष 2025-26 के तहत किसानों का एमएसपी पर गेहूं खरीदने के लिए जिले में 113 क्रय केंद्र बनाए गए थे। पांच क्रय एजेंसियों को खरीद का जिम्मा दिया गया था, लेकिन ये एजेंसियां सरकार की मंशा को पूरा नहीं कर सकीं। किसानों ने अपनी उपज मंडी में आढ़तियों के हाथों बेच दी। इससे सरकारी लक्ष्य पूरा नहीं हो सका और गोदाम खाली रह गए।
शासन की ओर से जिले में 49 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष रविवार तक 13,032 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद ही की जा सकी। मात्र 2544 किसानों ने ही एमएसपी पर अपना गेहूं बेचा। डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि गेहूं का बाजार भाव एमएसपी से अधिक होने के कारण खरीद कम हो पाई है। किसानों की सहूलियत के लिए मोबाइल क्रय केंद्र की शुरूआत भी की गई थी, लेकिन फिर भी खरीद की रफ्तार नहीं बढ़ी।
वहीं, रविवार से मोटे अनाज मक्का की खरीद शुरू की गई है। डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि झंझरी, मुजेहना व पड़री कृपाल विकासखंड के लिए गोंडा गल्ला मंडी में क्रय केंद्र बनाया गया है। नवाबगंज क्षेत्र के लिए नवाबगंज मंडी तथा करनैलगंज क्षेत्र के लिए करनैलगंज मंडी में क्रय केंद्र खोला गया है। पंजीकरण कराने वाले किसानों का मक्का 2,225 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। 31 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खरीद की जाएगी। मक्का बेचने के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में भुगतान कर दिया जाएगा।