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गरीबों की थाली में नहीं दिखेगी सरकारी रोटी

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फोटो-10-गोंडा के बभनजोत में राशन वितरण के बारे में जानकारी लेते डीएसओ। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। गेहूं के स्टॉक में कटौती से रोटी के लाले पड़ने वाले हैं। गरीबों की थाली में अब रोटी नजर नहीं आएगी। जून माह से वितरित किए जाने वाले राशन में गेहूं की कटौती की गई है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कार्डधारकों को सिर्फ चावल मिल पाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दिए जाने वाले राशन में गेहूं की मात्रा कम कर दी गई है।
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जिले में छह लाख से ज्यादा गरीबों को राशन दिया जा रहा है। पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्डधारक शामिल हैं। कोरोना काल से सरकार ने माह में दो बार राशन देने की व्यवस्था बनाई है। इसके तहत फ्री राशन का वितरण किया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अभी तक पात्र गृहस्थी के कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता था। जिसमें तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल शामिल रहता था। तीन किलो चावल व दो किलोग्राम गेहूं दिया जाएगा। अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलोग्राम राशन उपलब्ध कराया जाता है। इसमें 20 किलो गेहूं व 15 किलो चावल दिए जाने की व्यवस्था थी। इसमें भी बदलाव किया गया है।
अंत्योदय कार्डधारकों को 21 किलोग्राम चावल व 14 किलोग्राम गेहूं से ही संतोष करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाले गेहूं-चावल के स्थान पर अब सिर्फ चावल देने की योजना बनाई गई है। अब कार्डधारकों को सिर्फ चावल से काम चलाना पड़ेगा। सितंबर महीने तक यह प्रक्रिया चलने की बात कही जा रही है। इसके अलावा चना, तेल व नमक का वितरण भी किया जाएगा। (संवाद)
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सामग्री न मिलने से पीछे चल रही वितरण प्रक्रिया
जिले के कई गांवों में राशन वितरण की प्रक्रिया एक महीने पीछे चल रही है। नैफेड से मिलने वाले चना, तेल, नमक की आपूर्ति न होना माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि जब गेहूं, चावल, चना, नमक, तेल सहित पूरी सामग्री एकत्र होता है तभी वितरण कराया जाता है। प्रयास है कि कार्डधारकों को एक साथ ही पूरी सामग्री दी जाए।
अनाज वितरण को लेकर शासन का आदेश मिला है। इसके तहत कार्रवाई की जा रही है। कार्डधारकों को शासन से अनुमन्य मात्रा में अनाज व अन्य सामग्री देने के निर्देश कोटेदारों को दिए गए हैं। पूर्ति निरीक्षकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरेंद्र यादव, जिला पूर्ति अधिकारी
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