गोंडा में रविवार की सुबह इस तरह छाया रहा कोहरा। - संवाद
गोंडा। रात में चली पछुआ हवा के कारण ठंड में इजाफा हुआ है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। रविवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 24 डिग्री सेल्यिस रहा। इससे लोगों को ठंड का अहसास हुआ। दोपहर में लोगों ने धूप सेंकी। वहीं, रात से सुबह तक घना कोहरा छाया रहा। कोहरे का सबसे ज्यादा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। कई ट्रेनों के प्रभावित होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
घने कोहरे की वजह से रविवार को एक दर्जन से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से एक से लेकर 11 घंटे तक विलंब से गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचीं। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। अप साइड की लालकुआं-हाबड़ा स्पेशल एक्सप्रेस 11 घंटे, गोररखपुर-लखनऊ वाया बस्ती एक्सप्रेस एक घंटा विलंब से पहुंची। बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन तीन घंटे, हैदराबाद स्पेशल ट्रेन तीन घंटे, बरौनी-ग्वालियर मेल व गोमतीनगर एक्सप्रेस ट्रेन एक-एक घंटा विलंब से पहुंची।
इसी तरह डाउन साइड की राप्ती गंगा एक्सप्रेस ट्रेन तीन घंटे, हमसफर एक्सप्रेस एक घंटे, मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस दो घंटे, अमरनाथ एक्सप्रेस दो घंटे, वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस दो घंटे व गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस दो घंटे देरी से गोंडा पहुंची। वहीं, एक जोड़ी अमृतसर स्पेशल व मोरध्वज एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जानकारों का मानना है कि इस मौसम में पछुआ हवा चलने से तापमान में लगातार गिरावट आएगी और गलन बढ़ेगी। ठंड का असर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। पहले देर रात तक लोगों की आवाजाही से गुलजार रहने वाली सड़कों पर रविवार को 10 बजे ही सन्नाटा नजर आया। इसी तरह सुबह नौ बजे के बाद ही सड़क पर आवाजाही बढ़ती है।
ठंड बढ़ने के साथ रजाई-गद्दा के कारोबार ने तेजी पकड़ ली है। शहर में जगह-जगह कारीगरों की दुकान सज गई हैं। यहां अलग-अलग दाम पर रजाई व गद्दे बेचे जा रहे हैं। 800 रुपये में रजाई व 500 रुपये में गद्दे बिक रहे हैं। इसके अलावा महंगे दाम पर भी रजाई-गद्दे तैयार किए जा रहे हैं। काली रुई 60 रुपये से 160 रुपये, जबकि सफेद रुई 140 रुपये से लेकर 250 रुपये प्रति किलो तक में बिक रही है।