गोंडा। तीन दिनों से जिले में मूूूसलाधार बारिश ने गन्ना किसानों की कमर तोड़ दी। जिले में करीब 95 हजार हेक्टेयर में लगी गन्ने की फसल धराशायी हो गई। बारिश में किसान गन्ने की फसल बांधने में जुटे गए, लेकिन पैदावार पर असर पड़ने की आशंका तेज हो गई।
पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जमकर तबाही मचाई। तीन दिनों में करीब 190 मिलीमीटर बारिश ने गांव के खेतों से लेकर शहर की सड़कों को जलमग्न कर दिया। करीब 80 हजार हेक्टेयर में सूख रही धान की फसल को तो फायदा हुआ, लेकिन 95 हजार हेक्टेयर में लगी गन्ने की फसल खेतों में धराशायी हो गई।
किसानों के खून-पसीने से तैैयार की गई फसल को पानी में गिरा देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। नकदी फसली के रूप मे बोई जाने वाली गन्ने की फसल बिकने से ही किसानों के कई बड़े काम होते हैं। गन्ना बेचकर कोई बिटिया की शादी तो कोई अन्य आयोजन करने की सोच रहा था। मौसम की मार ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। हालांकि जानकारों की माने तो यदि अभी बरसात थम जाए तो गन्ना किसानों को थोड़ा ही नुकसान होगा।
दोपहर बाद तेज बारिश ने फिर बढ़ाईं मुश्किलें
शनिवार सुबह तो मौसम सुहाना रहा लेकिन दोपहर बाद बारिश शुरू हो गई। करीब आधा घंटा हुई बरसात ने शहर को लबालब भर दिया। जिला अस्पताल में खड़ी गाड़ियां आधी डूबी नजर आईं। मरीजों को जांच के लिए ले जाने में संकट का सामना करना पड़ा। शहर के बस स्टाप पर यात्रियों को पानी में घुसकर बस पर सवार होना पड़ा। शहर के ईदगाह रोड, आवास विकास कॉलोनी, पटेलनगर आदि स्थानों पर लोगों के दरवाजे तक बारिश का पानी पहुंच गया।
अब तक हुई बरसात की स्थिति
माह - सामान्य वर्षा (मिमी में) - इस वर्ष हुई बरसात (मिमी में)
अप्रैल 11 - 0.0
मई 11.70 - 3.90
जून 138.90 - 20.7
जुलाई 328.50 - 114.40
अगस्त 314.30 - 116.60
14 सितंबर तक 111.80 - 43.40
पिछले तीन दिनों में - 190 एमएम