करनैलगंज/ उमरीबेगमगंज (गोंडा)। बैराज से छोड़े गए चार लाख क्यूसेक पानी से सरयू उफान पर आ गयी है। शनिवार शाम तक नदी का पानी खतरे के लाल निशान को पार कर 31 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के प्रकोप से बचने के लिए लोगों ने पलायन भी शुरू कर दिया है। नदी के पानी में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से एल्गिन-चरसड़ी बांध के क्षतिग्रस्त होने के साथ ही दो दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का गंभीर खतरा भी मंडराने लगा है। तरबगंज के ऐली में कटान तेज हो जाने से घबराए अफसरों ने इसकी कटान रोकने के लिए नियमित निगरानी के साथ ही नदी से सटे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की ताकीद भी करने लगे हैं।
बीते एक माह से जलस्तर में चल रहे उतार-चढ़ाव के बाद सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर 36 घंटों में तेजी से बढ़ा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने एल्गिन-चरसड़ी बांध क्षेत्र के आसपास के तटीय क्षेत्र में स्थित गांवों के लोगों की नींद उड़ा दी है। करीब छह किलोमीटर लंबे बांध के किनारे कटान की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार शाम को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 105.766 से 31 सेंटीमीटर नीचे बह रहा था जो शनिवार की सुबह लाल निशान से 13 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। शाम को जलस्तर में हुई बढ़ोत्तरी के बाद खतरे के लाल निशान को पार कर से 31 सेंटीमीटर ऊपर चला गया। वर्तमान में बांध को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए 4 लाख क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है। इससे आने वाले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में और बढ़ोत्तरी की आशंका जतायी गयी है। बांध के किनारे तटीय इलाकों में बसे दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा तेजी से मंडराने लगा है।
अधिकांश स्थानों पर नदी बांध के किनारे से बह रही है जिससे बांध को भी खतरा कम नहीं है। ग्राम मांझा रायपुर, नकहरा, चंदापुर किटौली, परसावल, बेहटा, पारा गांव से तो ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन भी तेज कर दिया है। ग्राम चंदापुर किटौली पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। बांध पर मौजूद सहायक अभियंता अमरेश सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी का डिस्चार्ज घटने की उम्मींद है। इससे फिलहाल बांध को खतरे से बचाया जा सकेगा। एसडीएम हीरालाल ने बताया कि बांध किनारे बसे गांव के आसपास बाढ़ चौकियां अलर्ट मोड पर कर दी गयी हैं। इसके साथ ही राजस्व कर्मियों की टीम भी सिंचाई विभाग के साथ मिलकर नियमित तौर पर बांध की निगरानी कर रही है।
बांध की सुरक्षा दीवार में कटान से बढ़ा खतरा
नदी का जलस्तर बढ़ने से बांध की सुरक्षा दीवार पर कटान का खतरा कई गुना बढ़ गया है। तरबगंज तहसील के साथ ही ऐली परसोली में बिशन पुरवा के सामने भिखारीपुर सकरौरा तटबंध को बचाने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार में कटान तेज हो गयी है। सरयू नदी खतरे के खतरे का निशान पार करने से बिहारी पुरवा में नदी का पानी पहुंचने लगा है। लोग घर- बार छोड़कर जाने लगे हैं। बाढ़ के खतरे को देखकर माझा वासियों की बेचैनी भी तेज हो गयी है। बिहारी पुरवा में राकेश, राममिलन, राम भवन व किशुन का मकान तक कटान की भेंट चढ़ चुका है। ॅतहसीलदार तरबगंज डॉ. पुष्कर मिश्रा ने बताया कि बाढ़ आशंकित गांवों में बाढ़ चौकियों को हाई अलर्ट पर रखते हुए तटवर्ती इलाकों में बसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह भी दी जा रही है।
बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटीय इलाकों में बचाव व निगरानी के लिए बनी बाढ़ चौकियों को भी सतर्क कर दिया गया है - डॉ. उज्जवल कुमार, जिलाधिकारी