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Gonda News: पानी घटा मगर माझा की मुसीबत नहीं

Fri, 02 Oct 2026 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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ऐली परसौली में घटा जलस्तर। - संवाद 
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विश्नोहरपुर/उमरी बेगमगंज। सरयू का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की उम्मीद जगी है लेकिन माझा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। शुक्रवार शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 105.840 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 23 सेंटीमीटर नीचे है। अयोध्या में जलस्तर 92.450 मीटर रहा। दोनों स्थानों पर नदी का रुख घटने का है। कुल 2,59,316 क्यूसेक पानी बैराजों से छोड़ा जा रहा था।
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दत्तनगर बाड़ी निवासी राम सजीवन ने बताया कि तीन माह से नदी के उतार-चढ़ाव से परेशानी उठानी पड़ रही है। पहले करीब एक महीने कटान की मार झेली। किसी तरह छप्पर बचा तो दो महीने से बाढ़ के पानी में घिरे हैं। कटान के चलते गांव के करीब आधा दर्जन परिवार पलायन कर चुके हैं। सांप और घड़ियाल के खतरे के बीच कई परिवार अभी भी यहीं रह रहे हैं।
ब्योंदा माझा के 14 मजरों में लोग दो बार सरयू की भीषण बाढ़ झेल चुके हैं। ग्राम प्रशासक केशव राम यादव ने बताया कि भूमि तल निचला होने के कारण बाढ़ आने पर इस क्षेत्र में सबसे पहले और सबसे ज्यादा पानी पहुंचता है। इस बार पानी साकीपुर के डीहा मजरे तक पहुंच गया। ढेमवा मार्ग से कंपोजिट विद्यालय तक जलभराव बना हुआ है। गोकुला निवासी मनीष सिंह के अनुसार गांव के सभी मजरे पानी से घिरे हैं। टेपरा सबसे अधिक प्रभावित है। यहां ग्रामीण तख्त ऊंचा कर उसी पर रह रहे हैं। गांव तक पहुंचने के लिए नाव से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। तुलसीपुर माझा, माझाराठ, जैतपुर, दुर्गागंज और दुल्लापुर में भी जगह-जगह पानी भरा है। चौखड़िया, नकाहरा, सेमरा, इंदरपुर और महंगूपुर में आंशिक बाढ़ का असर है।
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बाढ़ का पानी पीछे हटने के साथ गांवों में कीचड़ और गंदगी की समस्या सामने आने लगी है। जगह-जगह जलभराव होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियां फैलने की चिंता सता रही है। कई संपर्क मार्गों पर कीचड़ जमा होने से आवागमन मुश्किल है। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। बाढ़ में भूसा और चारा खराब होने से पशुपालकों की समस्या भी बनी हुई है। कई परिवार मवेशियों के साथ दूसरे गांवों में शरण लिए हुए हैं।

प्रभावित इलाकों पर पूरी नजर
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। प्रभावित इलाकों में अभी भी टीमें काम कर रही हैं। प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। करनैलगंज व तरबगंज तहसील के एसडीएम राहत प्रबंधों की मानीटरिंग कर रहे हैं।

ऐली परसौली में घटा जलस्तर। - संवाद 

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