विनोद की मौत पर बिलखते परिजन व पत्नी को संभालतीं सपा नेत्री काजल निषाद। संवाद
परसपुर। वक्त सुबह के सवा आठ बजे। रेक्सड़िया मल्लहनपुरवा का माहौल बदला हुआ नजर आया। गांव से पहले ही पुलिस का बैरियर लगा है। आने-जाने वालों पर खाकी की पैनी नजर है। बैरियर पार कर गांव में पहुंचते ही विनोद साहनी के घर से उठ रही चीख-पुकार सन्नाटे को तोड़ रही है।
घर के अंदर बेटी विजयलक्ष्मी बार-बार कह रही है- “पापा को जगाओ... इतनी देर हो गई, अभी तक सोकर क्यों नहीं उठे।” यह कहते-कहते वह बेसुध हो जा रही है। पास बैठीं महिलाएं उसे संभालने की कोशिश कर रही हैं। पत्नी ऊषा भी बदहवास हैं। महिलाएं उनके चेहरे पर पानी के छींटे मारकर संभाल रही हैं।
इसी बीच पड़ोसी गांवों से पहुंचे लोग विनोद के बेटे राजा और उनके भाई से घटना की जानकारी लेने लगते हैं। भाई बताते हैं कि रात में ही करनैलगंज के भाजपा विधायक अजय सिंह घर पहुंचे थे। उनके साथ अधिकारी भी थे। परिवार से बातचीत हुई है और कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। (संवाद)
विनोद की मौत पर बिलखते परिजन व पत्नी को संभालतीं सपा नेत्री काजल निषाद। संवाद